रायपुर, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की समीक्षा बैठक कार्यालय सभागार में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम द्वारा की गई । बैठक के दौरान नवनियुक्त उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला का स्वागत किया गया और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव द्वारा बोर्ड की योजनाओं, जैसे वन क्षेत्रों में औषधीय पौधा रोपण और नवाचार कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया । अध्यक्ष श्री मरकाम ने बोर्ड की योजनाओं को छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों, विशेषकर बस्तर एवं सरगुजा संभाग तक पहुँचाने के लिए एक रोडमैप तैयार करने और स्थानीय वैद्यों के स्थायी पंजीकरण हेतु प्रयास करने के निर्देश दिए ।

उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने बस्तर को औषधीय पौधों के माध्यम से दुनिया का सबसे समृद्ध क्षेत्र बनाने का विजन साझा किया, जिसे साकार करने के लिए बोर्ड ने त्वरित कार्य योजना पर सहमति जताई । इस योजना के प्रथम चरण में बस्तर क्षेत्र में पहले से मौजूद पॉम ट्री और नीलगिरी के प्लांटेशन में औषधीय पौधों की ‘मल्टीक्रॉपिंग’ के जरिए तत्काल कार्य शुरू किया जाएगा । बैठक में नारायण संकल्प फाउंडेशन से सीमा गुप्ता, एन.डी. मेमोरियल फाउंडेशन से शालीभद्र मुथा और क्रिस्टल एजुकेशन एवं रिसर्च सोसायटी से रीनू छाबड़ा के साथ-साथ बोर्ड के तकनीकी सलाहकार और कर्मचारी भी उपस्थित रहे ।