राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के जश्न के दौरान हुई एक मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें 26 वर्षीय तरुण की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अब तरुण की मां ने न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ ‘UP के योगी मॉडल’ जैसी सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने अब तक उन्हें गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान तक नहीं बताई है।
मामूली विवाद और फिर खूनी संघर्ष
तरुण की मां ने रोते हुए बताया कि विवाद की शुरुआत महज एक पानी के गुब्बारे से हुई थी। उनकी 7 साल की पोती दूसरी मंजिल पर खेल रही थी, तभी उसके हाथ से पानी का गुब्बारा नीचे गिर गया। पानी की कुछ बूंदें पड़ोस में रहने वाली सायरा नाम की महिला पर गिर गईं। आरोप है कि इस बात पर सायरा ने बच्ची को बेहद भद्दी गालियां और धमकियां दीं। जब परिवार ने विरोध किया, तो चंद मिनटों में ही सायरा ने 20-25 लोगों की भीड़ बुला ली।
पीड़ित परिवार के गंभीर आरोप
मृतक की मां का दावा है कि भीड़ ने हथियारों और रॉड से उनके पूरे परिवार पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया, “सलीमा नाम की महिला ने मेरे चेहरे पर रॉड मारी और पुरुषों ने मेरे कपड़े तक फाड़ दिए। वे चिल्ला रहे थे कि आज इन खाटिकों को खत्म कर देंगे।” परिवार का कहना है कि तरुण को निशाना बनाकर मारा गया है। पिता ने बताया कि पहले भी वे लोग गली के कुत्तों को डंडों और एसिड से मारते थे, जिसे रोकने पर तरुण से उनकी रंजिश बढ़ गई थी।
न्याय की मांग और नेताओं पर नाराजगी
तरुण के माता-पिता ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अब तक न्याय मिलता नहीं दिख रहा है। मां ने भावुक होकर कहा, ‘जब उनके सीने पर गोली लगेगी, तभी मुझे शांति मिलेगी। जैसे योगी सरकार अपराधियों का इलाज करती है, वैसे ही मेरे बेटे के हत्यारों के साथ होना चाहिए।’ साथ ही, उन्होंने किसी भी दलित नेता के न पहुंचने पर भी कड़ी नाराजगी जाहिर की। तरुण के पिता ने उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जो तरुण को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

