कोलकाता- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर आज सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंचने वाली है. मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी आज दोपहर 3.15 बजे पार्टी के उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी करेंगी. यह घोषणा कालीघाट स्थित उनके आवास से आयोजित एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन में की जायेगी, जिस पर पूरे राज्य के राजनीतिक हलकों की नजर टिकी हुई है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बार उम्मीदवार चयन में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकता है. संगठन के भीतर लंबे समय से प्रदर्शन, क्षेत्रीय पकड़ और जनसंपर्क को आधार बनाकर मूल्यांकन किया जा रहा था. इसी प्रक्रिया के तहत कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने और उनकी जगह नये चेहरों, विशेषकर युवाओं को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है. यह भी संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी इस बार अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ चुनावी रणनीति में नयी ऊर्जा लाने के उद्देश्य से उम्मीदवारों में व्यापक फेरबदल कर सकती है.
बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से तृणमूल कांग्रेस अधिकतर सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने जा रही है. संभावित आकलनों के अनुसार लगभग 50 से अधिक वर्तमान विधायकों के टिकट पर संकट बना हुआ है. इसके अलावा छात्र, युवा और विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े नये चेहरों को सूची में जगह मिल सकती है. पार्टी के अंदरूनी सूत्र यह भी बता रहे हैं कि कुछ पूर्व सांसदों और चर्चित सार्वजनिक हस्तियों को भी चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है.
इस बीच, पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उम्मीदवारों को लेकर अंतिम निर्णय शीर्ष स्तर पर ही लिया गया है और सभी कार्यकर्ताओं को उसे स्वीकार करना होगा. हाल के दिनों में पार्टी के सामाजिक माध्यम मंचों के जरिए लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि उम्मीदवार चाहे कोई भी हो, वह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री बनर्जी का प्रतिनिधि होगा. इस कदम को संगठन के भीतर संभावित असंतोष को पहले ही नियंत्रित करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर कालीघाट स्थित आवास परिसर में विशेष प्रबंध किये गये हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सूची के जारी होते ही राज्य में चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो जायेगी. कई सीटों पर सीधे मुकाबले की स्थिति सामने आएगी, वहीं टिकट कटने वाले नेताओं की प्रतिक्रिया भी सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में आज की यह घोषणा न केवल तृणमूल कांग्रेस बल्कि पूरे राज्य की चुनावी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है. बड़े पैमाने पर विधायकों के टिकट काटने के पीछे उनके खिलाफ जनता में असंतोष मुख्य कारण बताया जा रहा है. कुछ विधायकों को स्वास्थ्य को लेकर चुनाव में नहीं उतारा जा रहा है.

