भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर होने वाली बातचीत सालों से रोहित शर्मा और विराट कोहली के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है। उनका कद, उनकी सैलरी, और सभी फॉर्मेट्स में उनकी जगह ने उन्हें सैलरी के मामले में सबसे ऊंचे पायदान पर अपने आप ही पहुंचा दिया था। लेकिन, इस बार बातचीत का रुख बदल गया है। दिलचस्प बात यह है कि जसप्रीत बुमराह ही वह खिलाड़ी हैं, जिन्होंने बोर्ड को इस मामले पर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। बीसीसीआई उन्हें सबसे ज्यादा सैलरी देना चाहता है।
बीसीसीआई ने 2026-27 के साइकिल के लिए खत्म की A+ कैटेगरी
जब बीसीसीआई ने 2026-27 के साइकिल के लिए अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट्स को फाइनल किया तो सबसे बड़ी खबर A+ कैटेगरी को खत्म कर देना थी। 2018 में शुरू की गई यह टॉप कैटेगरी उन खिलाड़ियों के लिए थी, जो सभी फॉर्मेट में खेलते थे और दुनिया भर में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल थे। लेकिन, रोहित और कोहली के टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से दूरी बनाने और रवींद्र जडेजा के भी अब सबसे छोटे फॉर्मेट का हिस्सा न रहने के बाद बुमराह ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जो इस कैटेगरी के लिए साफ तौर पर हकदार थे। सिर्फ एक खिलाड़ी के लिए एक पूरी कैटेगरी बनाए रखने के बजाय, बोर्ड ने उस कैटेगरी को पूरी तरह से ही खत्म करने का फैसला किया।
जसप्रीत बुमराह को मिलेगा मुआवजा!
अब नियमों के मुताबिक, बुमराह को शुभमन गिल और रवींद्र जडेजा के साथ ग्रेड A में रखा गया है। इसका मतलब है कि पिछले साल के सैलरी स्ट्रक्चर के हिसाब से उनकी कमाई में 7 करोड़ से घटकर 5 करोड़ रुपये तक रह गई और यहीं से असली दिक्कत शुरू हुई। टीओआई की एक रिपोर्ट में बीसीसीआई सूत्र के हवाले से कहा गया है कि बोर्ड यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि बुमराह को कैसे मुआवजा दिया जा सकता है। दरअसल, दूसरे खिलाड़ियों की पेमेंट अलग-अलग फॉर्मेट में कम भागीदारी की वजह से कम हुई है, लेकिन बुमराह के साथ ऐसा नहीं है। वह अभी भी भारत के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं और सभी फॉर्मेट में टीम का पक्का हिस्सा हैं। वह मौजूदा टीम में सबसे ज्यादा असर डालने वाले क्रिकेटर हैं। पुराना सिस्टम ठीक इसी तरह के खिलाड़ी को इनाम देने के लिए बनाया गया था, लेकिन नया सिस्टम ऐसा नहीं है।
बोर्ड ने जान-बूझकर नहीं किया सैलरी का जिक्र
ऐसा लगता है कि बीसीसीआई को भी इस बात का एहसास है। कॉन्ट्रैक्ट्स की घोषणा करते समय बोर्ड ने जान-बूझकर हर ग्रेड के साथ मिलने वाली सैलरी का जिक्र नहीं किया। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों को भी अभी तक सैलरी की सही-सही रकम के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

