मथुरा के ब्रज क्षेत्र में ईद के दिन बड़ा बवाल हो गया। थाना कोसीकलां के कोटवन चौकी इलाके के नवीपुर गांव में बीती रात एक दुखद घटना हुई। आरोप है कि गौ-तस्करों ने प्रसिद्ध गौ-सेवक चंद्रशेखर, जिन्हें लोग ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जानते थे, उन्को गाड़ी से कुचलकर मार डाला। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। लोगों में गुस्सा भी देखा जा रहा है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हालात पर नजर रखे हुए है।
कैसे हुई घटना?
जानकारी के अनुसार, बाबा चंद्रशेखर को इलाके में गौ-तस्करों की सक्रियता की सूचना मिली थी। इसके बाद वे अपनी टीम के साथ तस्करों का पीछा करने निकल पड़े। बताया जा रहा है कि नवीपुर के पास तस्करों ने अचानक अपनी गाड़ी बाबा की ओर मोड़ दी और उन्हें कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इलाके में बढ़ा तनाव
घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में लोग इकट्ठा होने लगे। लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कई जगहों पर विरोध भी हुआ और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद ब्रज क्षेत्र में गौ-रक्षकों में भारी आक्रोश फैल गया। बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के गौ-रक्षकों ने बाबा का पार्थिव शरीर को बरसाना स्थित आजनौख गौशाला ले आए। गौ रक्षक दीपक के अनुसार, यह घटना सुबह लगभग 5 बजे हुई, जिसमें आरोपित तस्करों ने बाबा को गाड़ी से टक्कर मार दी। चंद्रशेखर ब्रज में गौ सेवा के लिए काफी प्रसिद्ध थे और हाथ में हमेशा फरसा लेकर चलते थे, इसी वजह से उन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ कहा जाने लगा।
दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे जाम
घटना के बाद आक्रोशित गौ-रक्षकों ने दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे जाम कर दिया। पुलिस ने कानूनी कार्यवाही के लिए बाबा की बॉडी लेने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। वर्तमान में पूरे इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। छाता पुलिस ने इलाके में मोर्चा संभाल लिया है। बरसाना की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर कड़ी नाकाबंदी कर दी गई है ताकि आरोपियों को जल्द पकड़ा जा सके। पुलिस लगातार जांच कर रही है और संदिग्ध लोगों की तलाश जारी है।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
बाबा चंद्रशेखर का पार्थिव शरीर उनके गांव अंजनोख स्थित गोशाला लाया गया। यहां हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त पहुंच गए। लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?
चंद्रशेखर, जिन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ कहा जाता था, अपने निडर स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वे लंबे समय से गौ-वंश की रक्षा के लिए काम कर रहे थे और ब्रज क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। उनकी हत्या की खबर से हिंदूवादी संगठनों और गौ-सेवकों में भारी रोष है। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।

