नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बदलती भूराजनैतिक परिस्थितियों के बीच भारत-रूस के आपसी सहयोग की सराहना की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘भारत और रूस: एक नए द्विपक्षीय एजेंडा की ओर’ कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। जयशंकर ने कहा कि दशकों से हमारे आपसी फायदे वाले सहयोग ने क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, स्थिरता और तरक्की को आगे बढ़ाया है। आज के बदलते भू-राजनैतिक हालात में हमारा जुड़ाव लगातार गहरा होता जा रहा है, जो लगातार हाई-लेवल बातचीत से प्रेरित है।
BRICS की अध्यक्षता को लेकर ये बोले जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स की अध्यक्षता करते हुए, भारत मानवता को प्राथमिकता देने और जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे बढ़ रहा है। रूस के साथ मिलकर भारत साझा चुनौतियों का संतुलित और समावेशी तरीके से समाधान करने के लिए तत्पर है। अंत में, मैं अपनी दीर्घकालिक साझेदारी और प्रिय मित्रता को मजबूत करने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराना चाहता हूं।
पुतिन की भारत यात्रा का किया जिक्र
जयशंकर ने इस दौरान रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीते साल हुए भारत यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुतिन का दिसंबर 2025 में हुआ भारत दौरा कई नए आयाम लेकर आया। इस दौरान मोबिलिटी से लेकर हेल्थ और फूड सेफ्टी, मेरीटाइम सहयोग समेत कई मुद्दों पर अहम समझौते हुए। इस यात्रा के दौरान फर्टिलाइजर्स, कस्टम और कॉमर्स, एकेडमिक और मीडिया कोऑपरेशन पर भी अहम फैसले हुए। दोनों ही पक्षों ने आपसी ट्रेड को 68.7 बिलियन डॉलर से 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा।

