प्रदोष व्रत सनातन परंपरा का एक अत्यंत शुभ और फलदायी व्रत माना जाता है, जो भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना को समर्पित है। हिंदू नव वर्ष का पहला सोम प्रदोष व्रत विशेष महत्व रखता है और इसे बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता है। श्रद्धालु इस व्रत को रखकर सुख, समृद्धि और मनचाही सफलता की कामना करते हैं। आइए जानें 2026 में यह व्रत 29 या 30 कब पड़ेगा और इसका सही मुहूर्त क्या है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
इस दिन प्रदोष काल में पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। 30 मार्च को शाम 6:38 बजे से रात 8:57 बजे तक का समय पूजा के लिए श्रेष्ठ रहेगा। इस अवधि में विधि-विधान से शिव पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
सोम प्रदोष व्रत का महत्व
सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस व्रत को सच्ची श्रद्धा से करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है, उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना गया है। साथ ही, संतान सुख और पारिवारिक सुख-शांति की कामना करने वाले भी इस व्रत को रखते हैं।
व्रत और पूजा विधि
प्रदोष व्रत के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। घर के पूजा स्थल को स्वच्छ कर भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और जल अर्पित करें। धूप-दीप जलाकर श्रद्धापूर्वक पूजा करें।इसके बाद प्रदोष व्रत कथा का पाठ या श्रवण करें। अंत में आरती करें और शिव चालीसा का पाठ करें। दिन भर संयम और सात्विकता का पालन करें तथा संध्या पूजा के बाद ही व्रत का पारण करें।
शिव पूजन मंत्र
1. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
2. ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचंद्रावतंसं,
रत्नाकल्पोज्ज्वलांगं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम्॥
3.ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।।
(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

