मध्य प्रदेश – खरगोन जिले से एक बेहद जानलेवा हादसा सामने आया है, जहां पेशे से राजमिस्त्री एक युवक के गले में करीब 11 इंच लंबा लोहे का सरिया आर-पार हो गया. हादसे के शिकार हुए युवक की जान पर बन आई थी, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि तकनीकी रूप से वह सुरक्षित था. युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने युवक के गले से सरिया सफलतापूर्वक निकाल दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक भयानक हादसे के शिकार हुए सद्दाम को गले के आर-पार हुए 11 इंच के लोहे का सरिये के साथ अस्पताल ले जाया गया. सद्दाम की इतनी गंभीर थी कि मौके पर मौजूद लोग घबरा गए. जिला अस्पताल खरगोन ने पीड़ित की हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर के एम वाय हॉस्पिटल रेफर कर दिया, जहां डाक्टरों की टीम तत्काल इलाज शुरू कर दिया.
एम वाय हॉस्पिटल के सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द शुक्ला के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ टीम ने युवक के गले से आर-पार हुए सरिये को निकालने के लिए जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया. टीम में शामिल डॉ. अविनाश गौतम, डॉ. उपेन्द्र पाण्डेय, डॉ. रामेंद्र गुर्जर, सीनियर रेजिडेंट डॉ. सुब्रजीत नायक सहित अन्य जूनियर डॉक्टर्स के अथक प्रयास सद्दाम के गले में फंसे सरिए को सफलतापूर्वक निकाल लिया.
गौरतलब है 11 इंच लंबे लोहे के सरिये को पीड़ित के गले से बाहर निकालने के लिए डाक्टरों को जटिल सर्जरी करनी पड़ी. इसमें एनेस्थीसिया विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी जैन और उनकी इमरजेंसी टीम ने पूरे ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा. ऑपरेशन के बाद फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.

