मुंबई : बारामती विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी उतार दिया। इस फैसले के बाद हलचल मच गई। एनसीपी, बीजेपी और तमाम दलों ने मांग की थी कि दिवंगत अजित पवार के सम्मान में सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई प्रत्याशी न उतारा जाए। हालांकि रविवार को कांग्रेस ने प्रत्याशी उतारकर उथल-पुथल मचा दी थी। अब महाराष्ट्र कांग्रेस ने कहा है कि अगर पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो वह बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव से हटने पर विचार करेगी।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अतुल लोंढे ने एक बयान में 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव को निर्विरोध कराने की मांग को खारिज किया। पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सुविधाजनक राजनीतिक रुख अपनाने का आरोप लगाया।
बारामती से आकाश मोरे प्रत्याशी
कांग्रेस ने रविवार को अपने राज्य सचिव आकाश मोरे को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ बारामती उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। 28 जनवरी को बारामती निर्वाचन क्षेत्र से विधायक अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन हो गया था, जिसके चलते बारामती सीट पर उपचुनाव होना था। यहां से अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को प्रत्याशी बनाया है।
बारामती से अजित पवार 8 बार रहे विधायक
अजित पवार ने पुणे जिले की बारामती सीट का आठ बार प्रतिनिधित्व किया था, जिनमें से कुछ जीत रिकॉर्ड मतों के अंतर से थीं। विपक्षी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने उपचुनाव को निर्विरोध कराने की अपील की है, जबकि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह चुनाव लड़ेगी। अतुल लोंढे ने कहा कि यदि बारामती में अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाती है, तो पार्टी और उनका उम्मीदवार चुनाव मैदान से हटाने पर विचार करेंगी।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने अजित पवार की मौत से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके परिवार ने मामले की जांच की मांग की है। वहीं सुनेत्रा पवार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि एनसीपी शरद पवार के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्रमें प्राथमिकी दर्ज कराने के कई प्रयास किए, लेकिन उन्हें सफलता केवल कर्नाटक में मिली।
अतुल लोंढे ने कहा कि किसी मौजूदा विधायक के निधन के बाद उपचुनाव को निर्विरोध कराने की कोई स्थायी परंपरा नहीं है। उन्होंने नांदेड में वसंतराव चह्वाण की मौत के बाद हुए उपचुनाव और सोलापुर के मंगलवेढा में भारत भालके के निधन के बाद हुए उपचुनाव का उदाहरण दिया। कांग्रेस नेता ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी ऐसे मुद्दों पर अपने राजनीतिक हितों के अनुसार काम करती है।

