मां बनना हर महिला का सपना होता है, लेकिन कभी-कभी यह सफर इतना दर्दनाक हो जाता है कि इंसान पूरी तरह टूट जाता है. एसेक्स की रहने वाली 47 वर्षीय जेसिका पीकॉक (Jessica Peacock) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. जेसिका ने अपनी गोद भरने के लिए न केवल अपनी पूरी जमा-पूंजी दांव पर लगा दी, बल्कि उस शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना को भी झेला, जो किसी को भी हार मानने पर मजबूर कर दे. 4 बार गर्भपात, 7 बार IVF के असफल प्रयास और करीब 86 लाख रुपये खर्च करने के बाद, आज जेसिका की गोद में उनका ‘चमत्कारी बच्चा (Miracle Baby)’ खेल रहा है. यह कहानी उन लाखों महिलाओं के लिए एक उम्मीद की किरण है जो उम्र और मेडिकल दिक्कतों की वजह से हार मान चुकी हैं.

जेसिका और उनके पति इयान (49) ने साल 2017 में बच्चा पैदा करने की कोशिश शुरू की थी. हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि जेसिका के एग रिजर्व बहुत कम हैं, इसलिए वे प्राकृतिक रूप से गर्भधारण नहीं कर पाएंगी. चूंकि इयान के पहले से ही दो बच्चे थे, इसलिए इस जोड़े को सरकारी मदद से IVF कराने की अनुमति नहीं मिली. इसके बाद शुरू हुआ निजी क्लीनिकों के चक्कर काटने और पैसे पानी की तरह बहाने का अंतहीन सिलसिला. जेसिका ने बताया कि जब पहली बार IVF के बाद वह गर्भवती हुईं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था. लेकिन 10वें हफ्ते में उनका गर्भपात हो गया. जेसिका ने भावुक होकर बताया, ‘मेरे सपने चकनाचूर हो गए थे, मैं समझ नहीं पा रही थी कि आखिर मेरे साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है.’ उन्होंने अपना फ्लैट बेच दिया और अपनी सारी बचत इस उम्मीद में लगा दी कि शायद अगली बार सफलता मिल जाए.

उन्होंने ब्रिटेन से लेकर स्पेन तक के क्लीनिकों के चक्कर काटे, जहां 51 साल की उम्र तक IVF की अनुमति है. सफर के दौरान जेसिका को एंडोमेट्रियोसिस और फैलोपियन ट्यूब में तरल पदार्थ जमा होने जैसी बीमारियों का भी पता चला. कुल 7 बार IVF कराने के बाद जेसिका मानसिक रूप से थक चुकी थीं. उन्होंने इयान से कह दिया था कि अब वे और ज्यादा दर्द नहीं सह सकतीं. लेकिन दिल के किसी कोने में मां बनने की चाहत अभी भी जिंदा थी. अपनी आखिरी कोशिश के तौर पर वे ब्रिटेन के एक दूसरे क्लीनिक गईं, जहां डॉक्टरों ने एक ऐसी समस्या पकड़ी जो अब तक छिपी हुई थी. असल में जेसिका का अपना शरीर ही भ्रूण को एक बाहरी दुश्मन समझकर उस पर हमला कर रहा था. सही दवा और नई तकनीक के साथ जेसिका एक बार फिर गर्भवती हुईं.

इस बार उन्होंने अपनी सेहत पर खास ध्यान दिया. एक फर्टिलिटी मेंटर के तौर पर उन्होंने पोषण, योग और मानसिक शांति का सहारा लिया. आखिरकार, ओलिवर का जन्म हुआ. हालांकि, वह समय से 6 हफ्ते पहले सिजेरियन सेक्शन के जरिए पैदा हुआ, लेकिन वह पूरी तरह स्वस्थ था. जेसिका कहती हैं, ‘ओलिवर मेरी दुनिया है. 40 के दशक में मां बनना मेरे लिए बहुत खास है. हमने अपनी जिंदगी जी ली है, घूमे-फिरे हैं और अब हमारे पास एक पूरा परिवार है.’ आज एक साल का ओलिवर उनके घर की रौनक है. जेसिका अब दूसरी महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं कि वे अपनी उम्र या असफलताओं को अपने सपनों के बीच न आने दें. उनका मानना है कि हर चीज के पीछे एक वजह होती है और उनका लंबा इंतजार एक खूबसूरत अंत के साथ खत्म हुआ है.

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