पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने आधिकारिक तौर पर गठबंधन का ऐलान कर दिया था. जिसके बाद दोनों मिलकर चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए थे.
इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया है. जिससे सियासत गरमा गई है. वहीं महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने ओवैसी को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ओवैसी को लेकर कहा कि वह बैरिस्टर आदमी हैं, उन्हें संयम रखना चाहिए.
गठबंधन टूटने पर संजय राउत की प्रतिक्रिया
संजय राउत ने बंगाल चुनाव में ओवैसी के हुमायूं कबीर से गठबंधन तोड़ने पर कहा कि बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए असदुद्दीन ओवैसी इस तरह की हथकंडे अपनाते हैं. उन्होंने आगे कहा कि ओवैसी को अपने विपक्ष के दलों से बातचीत करना चाहिए. आपकी दुश्मन बीजेपी है. देश की दुश्मन बीजेपी है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर आप अपने आपको राष्ट्र का भक्त मानते हो तो बीजेपी को किसी भी तरह से मदद न हो इस प्रकार की कोई भी चाल या राजनीतिक खेल नहीं करना चाहिए. चाहे वे मिस्टर ओवैसी हो या कोई और हो.
हुमायूं कबीर पर बीजेपी से डील का आरोप
आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर के कथित स्टिंग वीडियो पर पश्चिम बंगाल की राजनीति में घमासान मचा है. टीएमसी ने एक कथित स्टिंग वीडियो जारी करते हुए हुमायूं कबीर पर भाजपा के साथ 1,000 करोड़ रुपए की डील करने का आरोप लगाया. इसके बाद, ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन तोड़ते हुए पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया.
बता दें कि जब गठबंधन हुआ था तो हुमायूं कबीर ने कहा था कि यह गठबंधन कभी नहीं टूटेगा. उन्होंने कहा था कि मेरे भाई असदुद्दीन ओवैसी ने 2026 में इसकी शुरुआत की है और जब तक मैं जिंदा हूं, मेरी पार्टी एआईएमआईएम के साथ रहेगी. हम इन्हें अपने अभिभावक और बड़े भाई की तरह मानते हैं. उन्होंने भविष्य में लोकसभा चुनाव भी साथ लड़ने का ऐलान किया था.

