देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर पाकिस्तान समर्थित जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गाजियाबाद में 21 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक और बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दिल्ली और पंजाब से 11 जासूसों और आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े हुए थे।
सोलर CCTV के जरिए हो रही थी जासूसी
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क संवेदनशील सैन्य और अर्धसैनिक ठिकानों के पास सोलर पावर से चलने वाले CCTV कैमरे लगाकर जासूसी कर रहा था। इन कैमरों में लगे सिम कार्ड के माध्यम से लाइव फुटेज एक मोबाइल एप के जरिए सीधे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक भेजी जा रही थी।
हथियार तस्करी भी शामिल
इस मॉड्यूल के तीन बड़े पहलू सामने आए हैं जैसे संवेदनशील इलाकों में CCTV के जरिए निगरानी, सीमा पार से हथियारों की तस्करी, ग्रेनेड हमलों की साजिश। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 पिस्टल, 24 कारतूस, 24 मोबाइल फोन, दो कार और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था।

पहले गाजियाबाद से हुआ था खुलासा
इस जासूसी नेटवर्क का पहला खुलासा 14 मार्च को गाजियाबाद के कौशांबी से हुआ था, जहां 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सामने आया कि सोनीपत के रेलवे ट्रैक और दिल्ली कैंट में कैमरे लगाकर सेना की गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी। इसके बाद 15 और लोगों को गिरफ्तार किया गया।
दो बड़े ऑपरेशन में हुई गिरफ्तारी
पहला ऑपरेशन
नॉर्दर्न रेंज टीम ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें पंजाब और दिल्ली के आरोपी शामिल थे। मुख्य आरोपी मनप्रीत सिंह ने खुलासा किया कि वह पाकिस्तान स्थित हैंडलर के सीधे संपर्क में था और उसके निर्देश पर हथियार और फर्जी सिम कार्ड सप्लाई करता था।
दूसरा ऑपरेशन
साउथ वेस्ट रेंज टीम ने मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर 5 अन्य आरोपियों को पकड़ा। ये सभी सेना और BSF कैंपों की रेकी कर रहे थे।
इन शहरों में लगाए गए थे कैमरे
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने उत्तर भारत के कई शहरों में CCTV कैमरे लगाए थे, जिनमें कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला, कठुआ, बीकानेर और अलवर शामिल थे।
आतंकी हमलों की थी बड़ी साजिश
डिजिटल डिवाइस और मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में संवेदनशील डेटा, फोटो, वीडियो और लोकेशन जानकारी बरामद हुई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर आईएसआई और गैंगस्टरों के साथ मिलकर भारत में बड़े आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे।