राजस्थान में अब लड़कियों के विद्यालयों और छात्रावासों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. विभाग की तरफ से स्कूलों और हॉस्टल की सुरक्षा पर सख्ती दिखाई है. अब बाहरी लोगों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लग गई है. शिक्षा विभाग ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना अनुमति इन परिसरों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ शासन उप सचिव ओ.पी. वर्मा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, प्रदेश के सभी सरकारी बालिका विद्यालयों और छात्रावासों में यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू होगा. इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने भी सभी संभागीय अधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं.
अभिभावकों की बिना इजाजत नहीं मिलेगी एंट्री
नए नियमों के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी छात्रा से मिलने आता है, तो उसे सबसे पहले बालिका के अभिभावकों की लिखित अनुमति दिखानी होगी. बिना इस अनुमति के किसी को भी छात्रा से मिलने की इजाजत नहीं होगी. इतना ही नहीं, ऐसे लोगों को स्कूल या छात्रावास के अंदर भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
इसके अलावा, अब केजीबी (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय) और अन्य सभी बालिका स्कूलों व छात्रावासों में भी बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती बढ़ा दी गई है. अगर किसी को अंदर जाना जरूरी है, तो उसे प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापिका या अधीक्षक की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा. बिना इस अनुमति के कोई भी व्यक्ति परिसर में दाखिल नहीं हो सकेगा.
निरीक्षण को लेकर बनाए नए नियम
विभाग ने निरीक्षण को लेकर भी नए नियम बनाए हैं. अब जब भी किसी बालिका विद्यालय या छात्रावास का निरीक्षण किया जाएगा, उस दौरान महिला अधिकारी या महिला कार्मिक की मौजूदगी जरूरी होगी. साथ ही, निरीक्षण करने वाले अधिकारी वहां रात्रि विश्राम नहीं कर सकेंगे.
शिक्षा विभाग का कहना है कि ये सभी फैसले छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करने, पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए लिए गए हैं. सरकार के इस कदम को बालिकाओं की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. इससे न सिर्फ बाहरी हस्तक्षेप कम होगा, बल्कि छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर वातावरण भी मिल सकेगा.

