नई दिल्ली। Parliament Special Session 2026 LIVE: बजट सत्र का विस्तार करते हुए सरकार ने तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है, जो गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को शुरू हो गया। इसमें तीन मुख्य विधेयक संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए गए।
सरकार ने कहा है कि इन विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के कार्यान्वयन में तेजी लाना है। मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को केंद्र सरकार ने सांसदों के बीच ड्राफ्ट बिल बांटे। ये बिल महिलाओं के लिए आरक्षण कानून ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने और नए सिरे से परिसीमन करने से जुड़े थे
लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “अखिलेश यादव ने पूछा कि जनगणना क्यों नहीं कराई जा रही है। मैं पूरे देश को बताना चाहता हूं कि जनगणना की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसला लिया है और जाति के आंकड़ों के साथ ही गणना की जा रही है। अगर समाजवादी पार्टी के बस में होता तो वे तो घरों को भी जातियां दे देते। धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात कही। यह असंवैधानिक है। धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक है।”
महिला आरक्षण विधेयक पर सोनिया गांधी ने क्या कहा?
महिला आरक्षण विधेयक और प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर अपना रुख पहले ही साफ कर चुकी है और अब इस पर उनके पास कुछ और जोड़ने के लिए नहीं है। संसद में इन दोनों अहम विधेयकों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा और राजनीतिक बहस जारी है।
‘मुसलमानों का प्रतिनिधित्व खत्म हो जाएगा’, असदुद्दीन ओवैसी ने किया बिल का विरोध
असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वह इस बिल को पेश किए जाने का विरोध करते हैं, क्योंकि यह संघवाद का उल्लंघन है। ओवैसी ने तर्क दिया कि यह कदम महिलाओं के आरक्षण के बारे में नहीं है, बल्कि इससे मुसलमानों का प्रतिनिधित्व खत्म हो जाएगा, ज्दाया आबादी वाले राज्यों को और ज्दाया ताकत मिलेगी और संसदीय लोकतंत्र कमजोर होगा।
16 Apr 202611:52:16 AM
राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित
नव-निर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण और शोक संदर्भों के बाद राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।
16 Apr 202611:46:32 AM
महिला आरक्षण बिल पर रेणुका चौधरी ने क्या कहा?
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा, “यही लोग महिलाओं का शोषण करते हैं। महिलाओं के नाम पर वे ऐसा दिखावा कर रहे हैं जैसे वे हम पर कोई एहसान कर रहे हों। जो महिलाएं अभी संसद में हैं, उनसे कोई चर्चा नहीं की गई। किसी को बुलाया नहीं गया, न ही किसी तरह की बहस हुई।”
‘धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक’, अमित शाह ने अखिलेश यादव को दिया जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को जवाब देते हुए कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान धर्म-आधारित कोटे की अनुमति नहीं देता है और बहस के दौरान सरकार के रुख को दोहराया।
इससे पहले अखिलेश यादव ने मांग की थी कि बिल पेश किए जाने से पहले जाति जनगणना कराई जाए। इस पर शाह ने कहा कि यह फैसला पहले ही लिया जा चुका है।
16 Apr 202611:31:09 AM
कांग्रेस के वेणुगोपाल ने उठाए सवाल
कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल ने सवाल उठाया है कि महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित बदलावों को क्यों शामिल किया गया, जबकि इसे पहले ही संसद द्वारा पारित किया जा चुका था। उन्होंने लोकसभा में कहा कि महिला आरक्षण कानून में बदलाव और परिसीमन आयोग के गठन वाले विधेयक ‘असंवैधानिक’ हैं।
16 Apr 202611:29:20 AM
दोपहर तीन बजे लोकसभा को संबोधित कर सकते हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरुवार को दोपहर 3 बजे लोकसभा को संबोधित करने की उम्मीद है। सरकार ने संसद के विशेष सत्र के दौरान तीन अहम विधेयक पेश कर दिए हैं।
16 Apr 202611:27:36 AM
अमित शाह ने महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए विधेयक पेश किया
गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेशों में प्रस्तावित संशोधित महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए विधेयक पेश किया।
16 Apr 202611:26:44 AM
कानून मंत्री ने लोकसभा में पेश किए तीनों विधेयक
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण कानून में संशोधन करने और परिसीमन आयोग गठित करने के लिए विधेयक पेश किए।
परिसीमन विधेयक के खिलाफ स्टालिन का विरोध प्रदर्शन, काले कपड़े पहनकर बिल की कॉपी में लगाई आग
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार सुबह प्रस्तावित परिसीमन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और उसकी एक कॉपी भी जलाई। स्टालिन ने राज्य भर में परिसीमन विरोधी आंदोलन शुरू करने के लिए काला झंडा भी फहराया।
एक्स पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “परिसीमन को लेकर तमिलनाडु भर में विरोध की भावना फैल जाए। फासीवादी भाजपा का अहंकार चूर-चूर हो जाए। उस समय, तमिलनाडु में हिंदी के विरोध में जो आग भड़की थी, उसने दिल्ली को भी झुलसा दिया था। हमारी वह आग तभी शांत हुई, जब दिल्ली ने हार मान ली।”
बिल की कॉपी जलाकर विरोध की एक और आग जलाई’
उन्होंने आगे लिखा, “आज मैंने उस ‘काले कानून’ की एक प्रति जलाकर विरोध की एक और आग जलाई है, जो तमिल लोगों को उनकी अपनी ही धरती पर शरणार्थी बना देता है। यह आग भी पूरे द्रविड़ क्षेत्र में फैल जाएगी। यह भाजपा के अहंकार को झुकाकर ही दम लेगी।”
विरोध में पहने काले कपड़े
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ के विरोध में काले रंग के कपड़े पहने। इस विधेयक में परिसीमन का प्रस्ताव किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्यों की विधानसभाओं और लोकसभा के आकार तथा संरचना में परिवर्तन करना है।
प्रस्तावित परिसीमन बिल के विरोध में तिरुचिरापल्ली के थेन्नूर में तमिलनाडु के मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी के घर पर भी काले झंडे लगाए गए हैं। यह तब हुआ जब स्टालिन ने पूरे राज्य में काले झंडे दिखाने का आह्वान किया और लोगों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन बिल के खिलाफ तमिलनाडु के अधिकारों के लिए इस संघर्ष को एक ‘सामूहिक संघर्ष’ बताया।

