जिस पल का लंबे समय से सरकारी कर्मचारी इंतजार कर रहे थे, वो पल आज आ गया है. केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% बढ़ोतरी को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इससे पहले अक्टूबर में DA को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था, जो 1 जुलाई 2025 से लागू हुआ था. बाद में इसका एरियर भी दिया गया था, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को फायदा मिला था.
केंद्र सरकार समय-समय पर अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) बढ़ाती रहती है. आपको बता दें कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) साल में दो बार जनवरी और जुलाई में बढ़ाती है.
अब कितनी मिलेगी सैलरी?
मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है. अभी 58% डीए के हिसाब से उसे हर महीने 29,000 रुपये डीए मिल रहा है. अगर इसमें 2% की बढ़ोतरी होती है, तो डीए 60% हो जाएगा और उसे 30,000 रुपये मिलने लगेंगे. यानी हर महीने 1,000 रुपये की बढ़ोतरी होगी, साथ ही जनवरी से एरियर का भी फायदा मिलेगा.
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कर्मचारी संगठनों की ओर से प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग में वेतन स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग की गई. नेशनल काउंसिल–जॉइंट कंसल्टेटिव मैकेनिज्म (NC-JCM) ने अपने प्रस्ताव में 3.83 का फिटमेंट फैक्टर मांगा है, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 69,000 रुपये तक हो सकती है. सरकार के इस फैसले से करीब 1.19 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा.
सॉवरेन मेरिटाइम फंड को भी मंजूरी
कैबिनेट ने प्रस्ताव में ‘परिवार’ की परिभाषा को बढ़ाकर आश्रित माता-पिता को भी शामिल करने की बात कही गई है. साथ ही वेतन में ज्यादा अंतर पर लीमिट तय करने, ज्यादा इंक्रीमेंट देने और महंगाई से जुड़े भत्तों को बढ़ाने का सुझाव दिया गया है. कैबिनेट ने 13,000 करोड़ रुपये के फंड के साथ एक सॉवरेन मेरिटाइम फंड (Sovereign Maritime Fund) को भी मंजूरी दी है. इसका मकसद भारतीय जहाजों के लिए सस्ता और स्थिर बीमा कवर उपलब्ध कराना है. इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को 2028 तक बढ़ा दिया गया है और इसके लिए 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी मंजूर किया गया है.

