कोलकाता: टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी के गंगा में नौकाविहार पर तंज कसा है। भबानीपुर की एक सभा में ममता बनर्जी ने पीएम को दिल्ली की प्रदूषित यमुना नदी का ताना भी दिया। पश्चिम बंगाल की सीएम ने अपने बांग्ला-हिंदी मिश्रित भाषण में पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छा हुआ कि आपने आज बंगाल की गंगा नदी में नाव की सवारी की, जहां पानी बिल्कुल साफ है। दिल्ली में प्रदूषित यमुना नदी की क्या हालत है? क्या आप वहां जाकर डुबकी लगा सकते हैं? उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर लोगों को धमकाने का आरोप लगाया।
यमुना के प्रदूषण का जिक्र अब बंगाल चुनाव में होने लगा
दिल्ली में यमुना के प्रदूषण का जिक्र अब बंगाल चुनाव में होने लगा है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया था। पश्चिम बंगाल में सीएम ममता बनर्जी ने दिल्ली की यमुना में प्रदूषण की चर्चा की। भबानीपुर की सभा में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी तस्वीरों के लिए कोलकाता में गंगा में नौकाविहार किया। उन्होंने तंज और चुनौती वाले अंदाज में सवाल किया कि क्या पीएम यमुना में डुबकी लगा सकते हैं। दिल्ली में यमुना की स्थिति काफी खराब है।
यमुना में प्रदूषण का स्तर जनवरी-फरवरी की तुलना में काफी बढ़ गया
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (DPCC) ने मार्च 2026 में एक रिपोर्ट जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि यमुना में प्रदूषण का स्तर जनवरी-फरवरी की तुलना में काफी बढ़ गया है। हालांकि पानी की गुणवत्ता मार्च 2025 की तुलना में बेहतर थी। मार्च में असगरपुर में फ़ेकल कोलीफ़ॉर्म का स्तर 400,000 MPN प्रति 100 एमएल था। वज़ीराबाद और ISBT पुल के बीच, जहां नजफगढ़ का नाला यमुना में गिरता है, वहां प्रदूषण सर्वाधिक था। बीते मार्च में वज़ीराबाद में फ़ेकल कोलीफ़ॉर्म का स्तर 4,300 MPN प्रति 100 ml था। आईएसबीटी पुल के पास यह 160,000 मिला था। दिल्ली की यमुना नदी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) का स्तर अक्सर सुरक्षित सीमा 3 mg/l से 40 गुना ज्यादा हो जाता है। वज़ीराबाद बैराज के बाद यह बीओडी 80-83 mg/l हो जाता है। इस कारण नदी में जीव-जंतु जिंदा नहीं रह पाते हैं।
वर्ल्ड बैंक ने जारी की थी गंगा नदी को लेकर एक रिपोर्ट
2026 की शुरुआत में वर्ल्ड बैंक ने गंगा नदी को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता में भी गंगा नदी पर प्रदूषण का भारी दबाव बना हुआ है। बहरामपुर से हल्दिया के बीच बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड मानक से कम है। हालांकि यह दिल्ली की यमुना के मुकाबले काफी साफ है। कोलकाता में बीओडी 6 mg/l होता है, जो यमुना से 13 गुना कम है।

