गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने रविवार, 26 अप्रैल को स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान के दौरान दिए गए बयानों को लेकर कांग्रेस और उसके विधायक इमरान खेड़ावाला पर हमला बोला. उन्होंने विपक्ष पर मतदाताओं को प्रभावित करने और चुनावी प्रक्रिया को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
हर्ष संघवी ने चुनावों को ‘लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार’ बताया और नागरिकों से बड़ी संख्या में बाहर निकलकर वोट डालने की अपील की. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी नागरिकों को लोकतंत्र के इस सबसे बड़े त्योहार में ज्यादा से ज्यादा वोटिंग सुनिश्चित करने की कोशिश करनी चाहिए, और साथ ही यह भी कहा कि वोटिंग प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं.
‘बुलडोजर’ वाली कार्रवाई का भी जिक्र
उनकी यह टिप्पणी खेड़ावाला की उस अपील के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने वोटरों से सरकार के फैसलों के खिलाफ वोट डालने को कहा था. उनकी इस अपील में ‘बुलडोजर’ वाली कार्रवाई का भी जिक्र था. खेड़ावाला ने एक वीडियो में कहा कि बीजेपी के 30 साल के शासन में ‘बुलडोजर की राजनीति’ और ‘अशांत क्षेत्र अधिनियम’ जैसे मुद्दे और उन पर चर्चाएं हावी रही हैं. इसका जवाब देने के लिए आपका वोट बहुत जरूरी है. पोलिंग बूथ पर जाएं और हमारे उम्मीदवारों को वोट दें.
हर्ष संघवी ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान एक बड़े और लगातार चल रहे प्रयास का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि चाहे वह इमरान भाई हों या दूसरी पार्टियां, यह साजिश आज सामने नहीं आई है. पिछले कई दिनों से अलग-अलग माध्यमों से ऐसी स्थिति पैदा करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं. उन्होंने विपक्षी नेताओं पर चुनावों को धार्मिक आधार पर मोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
वोटरों से सतर्क रहने की अपील
उन्होंने कहा कि उन्होंने सीधे तौर पर चुनावों को कहीं न कहीं धार्मिक दिशा में ले जाने की कोशिश की है. गुजरात में हर किसी ने ये दृश्य देखे हैं, और वोटरों से सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि ‘एक भी वोट बेकार न जाए.’ बता दें कि पूरे गुजरात में रविवार, 26 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग हुई.

