नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास शील ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में लंबित कानूनी प्रकरणों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है । माननीय उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा आगामी 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को एक ‘विशेष लोक अदालत’ (Special Lok Adalat) का आयोजन किया जा रहा है ।
विवादों को आपसी समझौते से सुलझाने की पहल
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी भार साधक सचिवों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विभागों से संबंधित ऐसे मामलों की पहचान करें जिनमें आपसी समझौता (Settlement) संभव हो । शासन का उद्देश्य उन प्रकरणों को समाप्त करना है जिनमें विवाद को निरंतर बनाए रखना आवश्यक नहीं है । इसके लिए संबंधित विभागों को महाधिवक्ता कार्यालय, स्टैंडिंग काउंसिल और एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के साथ निरंतर सामंजस्य स्थापित करने और चिन्हांकित प्रकरणों की प्रविष्टि निर्धारित गूगल फॉर्म में सुनिश्चित करने को कहा गया है | यह पहल सुप्रीम कोर्ट के सेंटर फॉर रिसर्च एंड प्लानिंग (CRP) द्वारा प्राप्त सूचना और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के संदर्भ में की गई है । इस विशेष लोक अदालत के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के विरुद्ध या शासन द्वारा प्रस्तुत मामलों के बोझ को कम करने का प्रयास किया जाएगा ।

