डेस्क: महिलाओं में वजाइनल डिस्चार्ज होना नॉर्मल है। क्योंकि यह वजाइना को साफ रखने में मदद करता है। लेकिन, कभी-कभी महिलाओं को सफेद पानी (ल्यूकोरिया) की समस्या हो जाती है। सफेद पानी महिलाओं में योनि से होने वाला एक सामान्य स्राव है, लेकिन यदि यह गाढ़ा, दुर्गंधयुक्त, या खुजली-जलन (संक्रमण के लक्षण) के साथ हो, तो यह चिंता का विषय है। इसके प्रमुख कारणों में संक्रमण (बैक्टीरियल या फंगल), हार्मोनल असंतुलन, पोषक तत्वों की कमी और खराब निजी स्वच्छता (hygiene) शामिल हैं। इस समस्या का समय पर इलाज होना बहुत जरूरी है, नहीं तो ये एक बीमारी बन सकता है। आज हम आपको डॉक्टर के बताएं हुए आयुर्वेदिक इलाज के बारे में बताएंगे, जिससे आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते है और हेल्दी रह सकतें है।
White Discharge के कारण क्या है?
यहां सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि White Discharge की समस्या कब चिंता का विषय बनती है और कब ये सामान्य होती है। महिलाओं को ये समझना जरूरी है कि इस समस्या में डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए। ये समस्या इंफेक्शन, साफ-सफाई की कमी, हार्मोनल बदलाव, कमजोर इम्यूनिटी, गलत खान-पान जैसे कारणों के कारण होती है। अगर आपको लगातार गीलापन महसूस हो, खुजली, जलन, कमर दर्द या कमजोरी और थकान महसूस हो तो आपको ये समस्या हो सकती है।
कब यह सामान्य होता है?
हर महिला में थोड़ी मात्रा में सफेद पानी आना सामान्य है, क्योंकि यह योनि को साफ और नम रखता है, बैक्टीरिया से बचाव करता है। यह आमतौर पर, पीरियड्स से पहले/बाद, ओव्यूलेशन के समय, प्रेगनेंसी में होता है।
कब यह समस्या बन जाता है?
अगर बहुत ज्यादा मात्रा में सफेद पानी की समस्या हो, अगर इसमें से बदबू (फाउल स्मेल),रंग बदलना (पीला, हरा, ग्रे), खुजली या जलन हो तो ये समस्या परेशानी का कारण बन सकती है।
सफेद पानी से राहत पाने के आयुर्वेदिक तरीके
डॉक्टरों के अनुसार, सफेद पानी की समस्या का इलाज आयुर्वेदिक तरीके से भी किया जा सकता है। चलिए जानते है, कुछ आयुर्वेदिक टिप्स…
अच्छी डाइट
आयुर्वेद में गलत खाना पीना शरीर में कफ को बढ़ाता है, जिससे सफेद पानी बढ़ सकता है। इसलिए महिलाओं को ज्यादा मीठा, मैदा, ठंडी चीजों जैसे रात में दही खाना, जंक और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करना चाहिए। महिलाओं की डाइट अच्छी होनी, जैसे मूंग दाल, लौकी, तोरी और हल्दी वाला दूध डाइट में शामिल जरूर करना चाहिए।
आयुर्वेदिक हर्ब्स से कंट्रोल करें समस्या
डॉक्टर महिलाओं को आयुर्वेदिक हर्ब्स लेने की सलाह भी देते है। इसमें यूटरस को मजबूत करने के लिए अशोक छाल, बहुत ज्यादा डिस्चार्ज को कंट्रोल करने के लिए लोधरा और हार्मोन बैलेंस के लिए शतावरी शामिल है।
घरेलू उपचार
जिन महिलाओं को ये समस्या होती है, उन्हें साफ और सूती (cotton) कपड़े पहनने चाहिए। दही और प्रोबायोटिक फूड लें, ज्यादा पानी पिएं, नीम या गुनगुने पानी से सफाई रखें। इसके अलावा, सुबह खाली पेट धनिया पानी या मेथी दाना उबालकर लिया जा सकता है।
पंचकर्म थेरेपी
डॉक्टर के अनुसार, “जिन महिलाओं को गंभीर या क्रोनिक सफेद पानी की दिक्कत होती है, उनके लिए पंचकर्म बहुत फायदेमंद है। इसमें उत्तर बस्ती रिप्रोडक्टिव सिस्टम को सीधे मदद करती है। योनि प्रक्षालन थेरेपी में वजाइना की सफाई की जाती है। पंचकर्म थेरेपी शरीर से आम यानी टॉक्सिनन्स बाहर निकालने में मदद करती है।”
अस्वीकरण : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

