गोरखपुर- इसे नियति की क्रूरता कहें या उस अभागी दुल्हन की बदनसीबी, जिसके हाथों की मेहंदी का रंग अभी फीका भी नहीं पड़ा था कि उसकी मांग का सिंदूर उजड़ गया. जिस घर से तीन दिन पहले गाजे-बाजे के साथ बेटे की बारात निकली थी, आज उसी घर से उसकी अर्थी उठी. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आए इस हृदयविदारक मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है.
60 किमी दूर धूमधाम से आई थी दुल्हन
शाहपुर थाना क्षेत्र के पादरी बाजार निवासी प्रेम जायसवाल के 29 वर्षीय पुत्र रुद्रनाथ जायसवाल उर्फ मिंशू की शादी 25 अप्रैल को महाराजगंज के नौतनवां में हुई थी. 26 अप्रैल को रुद्रनाथ बड़े चाव से अपनी दुल्हन विदा कराकर गोरखपुर लाया. परिवार में जश्न का माहौल था और नई नवेली दुल्हन का भव्य स्वागत किया गया.
होटल से लौटा और खा लिया जहर
परिजनों के मुताबिक, 27 अप्रैल को रुद्रनाथ अपने पिता की मदद करने होटल पर गया था. शाम को घर लौटा, सबके साथ खाना खाया और सोने चला गया. लेकिन आधी रात को अचानक वह छत पर टहलने लगा. जब मां ने उसे देर रात छत पर देखा और टोका, तो रुद्रनाथ ने जो कहा वह सुनकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई.
आधी रात को बेटा बोला-“मां मुझे बचा लो…”
रुद्रनाथ ने कांपते शब्दों में कहा, “मां मैंने जहर खा लिया है, मुझे बहुत बेचैनी हो रही है.” बदहवास मां ने शोर मचाकर परिजनों को बुलाया. इस दौरान रुद्रनाथ अपनी जान की भीख मांगते हुए बार-बार गिड़गिड़ाता रहा कि “मुझे बचा लो”, लेकिन अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल खुदकुशी के कारणों का पता नहीं चल पाया है. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है.

