वॉशिंगटन: यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के हेड ब्रैड कूपर ने ईरान पर नए सिरे से हमले के प्लान की जानकारी डोनाल्ड ट्रंप को दी है। ब्रैड कूपर ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की नई योजनाओं पर ब्रीफ किया है। इसमें बताया गया कि ईरान के खिलाफ ‘अंतिम प्रहार’ के तौर पर किस तरह से हमले किए जाएं, जिससे तेहरान को अमेरिकी शर्तों पर झुकने के लिए मजबूर किया जा सके। आर्मी का प्लान सुनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप को यह फैसला लेना है कि इस पर कैसे आगे बढ़ा जाए। ट्रंप ने प्लान को सहमति दी तो अमेरिकी आर्मी ईरान में हमले शुरू कर देगी।
फॉक्स न्यूज ने गुरुवार को बताया कि CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने सिचुएशन रूम में ट्रंप के साथ एक ब्रीफिंग के दौरान ईरान पर हमले के संभावित विकल्प पेश किए। इसमें ‘हमलों की एक छोटी और शक्तिशाली लहर’ की रूपरेखा बताई गई। ईरान के लक्ष्यों में कथित तौर पर उसकी सैन्य संपत्तियां, राजनीतिक नेतृत्व और बुनियादी ढांचा शामिल हैं।
ईरान को झुकाने की कोशिश
एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ट्रंप को गुरुवार की ब्रीफिंग में ईरान को संघर्ष समाप्त करने के लिए बातचीत करने हेतु विवश करने के उद्देश्य से ताजा सैन्य हमलों की एक श्रृंखला की योजनाओं की जानकारी दी गई। दूसरी ओर ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका फिर से हमले करता है तो वह भी युद्ध लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि डोनाल्ड ट्रंप के सामने रखी गई योजना में ईरान के बुनियादे ढांचे पर हमलों के अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के एक हिस्से पर कब्जा करना शामिल है। होर्मुज पर हमले और नियंत्रण का मकसदइस समुद्री गलियारे को खोलना है। होर्मुज का बंद होना लगातार अमेरिका के लिए एक चुनौती बना हुआ है।
यूरेनियम पर कब्जे करेंगे!
ब्रीफिंग में कथित तौर पर ईरान के यूरेनियम के भंडार को कब्जे में लेने के लिए विशेष बलों के ऑपरेशन का प्लान भी शामिल किया गया है। इस प्लान में विशेष कमांडो दस्ता ईरान से यूरेनियम लाने की कोशिश कर सकता है। ऐसे ऑपरेशन के जरिए अमेरिका की कोशिश ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बर्बाद करना है।
अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के बाद 28 फरवरी को ईरान में युद्ध शुरू हुआ था। भीषण तबाही के बाद 8 अप्रैल को दोनों पक्षों में लड़ाई रुकी है लेकिन तनाव बरकरार है और सीजफायर के टूटने का खतरा मंडरा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई वार्ता भी असफल रही है।
ईरान-अमेरिका तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से सीजफायर अनिश्तिकाल के लिए बढ़ा दिया है लेकिन वह लगातार धमकियां भी दे रहे हैं। दूसरी ओर ईरान भी कड़ा रुख अपनाए हुए है और जंग के लिए तैयार होने की बात कही है। ऐसे में फिर से युद्ध शुरू होने का खतरा लगातार बना हुआ है।

