कानपुर : उत्तर प्रदेश पुलिस ने संगठित साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक हाई-टेक धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया और साइबर ठगी व हवाला लेनदेन में संलिप्तता के आरोप में पांच बैंक अधिकारियों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) से मिले अलर्ट के आधार पर शुरू की गई। 

गिरोह देशभर में साइबर अपराध को देता था अंजाम 
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान बर्रा थाना के पुलिस दल ने “डिजिटल अरेस्ट” घोटालों, फर्जी फर्मों और ट्रस्ट खातों के जरिए अवैध धन के अंतरण में शामिल एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि गिरोह देशभर में साइबर अपराध को अंजाम देता था और अब तक कम से कम 17 मामलों में इसकी संलिप्तता सामने आई है। उन्होंने बताया कि जांच में इस गिरोह के तार नवी मुंबई में सामने आए 58 करोड़ रुपये के एक साइबर घोटाले से भी जुड़े पाए गए, जिसमें कानपुर के एक खाते में 2.5 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह का सरगना राजवीर सिंह यादव फरार है और वह ‘म्यूल अकाउंट’ की व्यवस्था कर धन अंतरण करता था। 

फर्जी फर्मों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेनदेन 
अधिकारियों ने बताया कि फर्जी फर्मों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेनदेन किया गया, जिसमें “सिस्को कॉमर्स इंडिया” नाम के एक फर्जी फर्म से जुड़े खाते में तीन माह में 67 करोड़ रुपये और आगरा की “राजाराम ट्रेडर्स” से जुड़े खाते में सात माह में 53 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए 20 प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता था और प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा करीब 125 करोड़ रुपये की हेराफेरी का अनुमान है। पुलिस ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह लोगों को आवास योजनाओं या सरकारी लाभ के नाम पर बैंक खाते खुलवाने के लिए प्रेरित करता था और बाद में उन्हीं खातों का उपयोग अवैध लेनदेन के लिए करता था। 

24 फर्जी GST फर्म, 60 ‘म्यूल अकाउंट’, 24 सिम और 9 मोबाइल बरामद 
पुलिस के मुताबिक, कर्नाटक स्थित एक ट्रस्ट के जरिए भी लगभग 30 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं, जो कथित तौर पर खातों में लेन-देन पर लगने वाली रोक से पहले ही सूचना देकर आरोपियों को धन निकालने में मदद करते थे। पुलिस ने अभियान के दौरान 24 फर्जी जीएसटी फर्म, 60 ‘म्यूल अकाउंट’, 24 सिम कार्ड और नौ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, फरार सरगना की तलाश जारी है। पुलिस ने लोगों से साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने की अपील की है। 

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