पटना/चन्नई/हैदराबाद: देश के नामचीन रणनीतिकार रहे और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के ‘राजनीतिक बदले’वाली बातें सच होती दिख रही है। 2021 में तमिलनाडु में स्टालिन को चुनावी जीत दिलाने वाले प्रशांत किशोर इस बार नई पार्टी टीवीके (विजय) के साथ थे और उनकी जीत हुई। हाल के दिनों में स्टालिन ने हिन्दी भाषियों और बिहार के लोगों के बारे में अपमानजनक बातें कही थी, जिससे प्रशांत नाराज थे। इसी तरह, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने भी बिहार के लोगों के बारे में आपत्तिनजक बातें कही थी। टाइम्स नाउ के एक इंटरव्यू में उन्होंने रेवंत रेड्डी को हराने की बातें कही थी। उस हिसाब से स्टालिन का हिसाब बराबर हो गया, अब बारी रेवंत रेड्डी की है।
तमिलनाडु में स्टालिन का हिसाब बराबर
तमिलनाडु में डीएमके सुप्रीमो स्टालिन पूरी तरह चुनाव हार गए। चुनाव के दरम्यान बिहारी और हिन्दी भाषियों को लेकर खूब बयानबाजी हुई। दिलचस्प बात ये है कि प्रशांत किशोर की मदद से ही स्टालिन ने 2021 का चुनाव जीता था। अबकी बार प्रशांत किशोर ने एक्टर से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके का साथ दिया। तमिलनाडु में विजय की पार्टी की बंपर जीत हुई है। सालभर पहले ही प्रशांत ने कई जगहों पर इंटरव्यू में बता दिया था कि इस बार टीवीके की सरकार बनेगी। स्पेशल सलाहकार के तौर पर विजय की प्रशांत किशोर मदद कर रहे थे। माना जा रहा है कि स्टालिन के बिहारी रिमार्क्स से प्रशांत किशोर नाराज थे।

