Donald Trump Pope Lio Conflict: ईरान युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. युद्ध को लेकर पोप की चिंता और अपील को ट्रंप ने सख्ती से खारिज कर दिया है. पोप लियो ने ईरान-युद्ध को पूरी मानवता पर कलंक बताया और तत्काल युद्धविराम की अपील की थी. अब डोनाल्ड ट्रंप ने इसका जवाब दिया है. ट्रंप ने आरोप लगाया है कि पोप, ईरान की परमाणु हथियार बनाने की क्षमता का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अमेरिका ऐसा कभी नहीं चाहता.
मंगलवार को पोप लियो ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी परमाणु हथियारों का समर्थन नहीं किया. उन्होंने कहा कि जो लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं, उन्हें सच बोलना चाहिए. पोप ने ट्रंप पर यह भी आरोप लगाया था कि उनके बयानों से कई कैथोलिकों को खतरा हो रहा है. इसके बाद व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि विदेश सचिव मार्को रुबियो जल्द ही पोप से मिलने वाले हैं.
पोप को खुश करूं या न करूं…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट संदेश दिया है – ‘मेरा ईरान पर रुख बहुत साफ है. मैं पोप को खुश करूं या न करूं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते.’ ट्रंप ने आगे कहा- ‘पोप के बयानों से लगता है कि वे ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत देना चाहते हैं, लेकिन मैं कहता हूं, वे नहीं रख सकते. पोप की संतुष्टि या नाराजगी मेरे फैसले को प्रभावित नहीं करेगी.’ राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हो गए तो पूरी दुनिया बंधक बन जाएगी और हम इसे कभी नहीं होने देंगे.
दरअसल मार्च में सेंट पीटर्स स्क्वेयर में एंजेलस प्रार्थना के दौरान पोप लियो ने कहा था कि इतने सारे लोगों के दर्द के सामने हम चुप नहीं रह सकते. उन्होंने युद्ध प्रभावित बेबस लोगों के लिए चिंता जताई और दुनिया से शांति की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की. अप्रैल में ट्रंप ने पोप पर तीखा हमला करते हुए उन्हें अपराध के मामले में कमजोर और विदेश नीति में बेहद खराब बताया था. ट्रंप ने कहा था कि मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो मेरी आलोचना करे और ईरान को परमाणु हथियार रखने की छूट देना चाहता हो. दोनों नेताओं के बीच यह सार्वजनिक बहस ईरान युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते मतभेद को दिखाती है. पोप लियो शांति और मानवीय मूल्यों पर जोर देते रहे हैं, जबकि ट्रंप ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकने के अपने सख्त रुख पर अडिग हैं. ऐसे में अब इस विवाद के समाधान की जिम्मेदारी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पर आ गई है.

