कोलकाता – भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खासियत है कि वे कभी भी अपने कार्यकर्ताओं के योगदान को नहीं भूलते हैं। कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से ही पार्टी बनती है और संगठन में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कार्यकर्ता से सफर की शुरूआत की और पीएम बनने तक का रास्ता तय किया। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को कोलकाता में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण के दौरान देखने को मिला जब भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के साथ पीएम मोदी रूबरू हुए। पीएम मोदी ने उनके पैर छूए और स्नेह सहित गले लगाया। पीएम मोदी अपने कार्यकर्ताओं के योगदान को नहीं भूलते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मारे गए भाजपा कार्यकर्ता देबाशीष मंडल, सौमित्र घोषाल और आनंद पॉल के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार ने शपथ ली है तो हम सभी के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान को याद करना स्वाभाविक है। उनके विजन को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
उन्होंने लिखा कि कोलकाता में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुझे माखनलाल सरकार से मिलने का अवसर मिला। एक कट्टर राष्ट्रवादी के तौर पर उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ काम किया और उनके साथ रहते हुए जम्मू-कश्मीर में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। उन्होंने अपना पूरा जीवन हमारी पार्टी को समर्पित कर दिया; उन्होंने पूरे पश्चिम बंगाल में पार्टी का आधार बढ़ाया और जीवन के हर क्षेत्र से लोगों को पार्टी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। भाजपा में हम इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि हमारे पास ऐसी प्रेरणादायक हस्तियां हैं, जिन्होंने लोगों के बीच रहकर काम किया और पार्टी को मजबूत बनाया।
वहीं, उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री के रूप में शपथ लेने पर दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक को बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि इन नेताओं ने जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम किया है और लोगों की सेवा की है। मुझे विश्वास है कि मंत्री के रूप में ये पश्चिम बंगाल की विकास यात्रा को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।
कौन हैं वो शख़्स जिनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर छुए पैर?
वो शख़्स हैं माखनलाल सरकार जिन्हें पश्चिम बंगाल में बीजेपी का सबसे बुज़ुर्ग कार्यकर्ता माना जाता है.
वो साल 1952 में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की ऐतिहासिक कश्मीर यात्रा के दौरान उनके साथ रहे हैं. वो लंबे समय से राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े रहे हैं और जेल भी जा चुके हैं.साल 1980 में बीजेपी की स्थापना के बाद उन्होंने बंगाल में पार्टी और संगठन के विस्तार में काफी अहम भूमिका निभाई थी.सिलीगुड़ी में काम करने के दौरान तत्कालीन पश्चिम दिनाजपुर, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी ज़िले में संगठन के संयोजक के तौर पर काम करते हुए उन्होंने महज एक साल के बीतर दस हजार नए सदस्य बनाए थे.
माखन लाल सरकार उस समय से बंगाल में संगठन का काम कर रहे हैं जब राज्य में संघ या भाजपा का अस्तित्व लगभग नहीं के बराबर था.प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने बीते साल अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद सिलीगुड़ी में माखनलाल के घर जाकर उनको सम्मानित किया था. फिलहाल उनकी उम्र करीब 98 साल है.
सिलीगुड़ी के एक बीजेपी नेता तरुण मंडल कहते हैं, “माखन लाल अस्सी के दशक से ही बंगाल में संगठन के सफ़र के गवाह रहे हैं और इसमें उनकी अहम भूमिका रही है. प्रचार की चकाचौंध से हमेशा दूर रहते हुए वो इलाके में संगठन की जड़ें सींचने और मजबूत करने में जुड़े रहे हैं.”बंगाल चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद वो सुर्खियों में आए थे.
ब पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया था कि सिलीगुड़ी में उन्होंने गो-हत्या बंद कराई थी.
बंगाल में भाजपा की इस जीत से आप कितना खुश हैं? इस सवाल पर सरकार ने कहा था, “मैं बेहद खुश हूं. मेरे जीवन भर की मेहनत कामयाब हुई है.”

