तिरुवनन्तपुरम: केरल का मुख्यमंत्री कौन होगा? इस सवाल का जवाब अभी तक कांग्रेस नहीं दे पाई है। हालांकि सूत्रों की मानें तो केसी वेणुगोपाल ही केरल के अगले सीएम होंगे। वेणुगोपाल अभी अलाप्पुझा से सांसद हैं और अभी कांग्रेस के महासचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। अपनी संगठनात्मक काबिलियत के लिए मशहूर वेणुगोपाल ने हाल के सालों में पार्टी के ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्हें राहुल गांधी का करीबी भी माना जाता है, जिसका असर आखिरी फैसले पर पड़ सकता है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर उनका अनुभव और पार्टी की रणनीति बनाने में उनकी भूमिका उन्हें सबसे बड़े पद के लिए एक मज़बूत दावेदार बनाती है।
कौन है केसी वेणुगोपाल
केसी वेणुगोपाल का जन्म 4 फरवरी 1963 को केरल के कन्नूर जिले के पय्यानूर में हुआ था। उनके पिता का नाम कुंजुकृष्णन नायर और मां का नाम जानकी अम्मा है। उन्होंने कांग्रेस के छात्र आंदोलन के ज़रिए सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। वे केरल स्टूडेंट्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष और इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने। वे 1996, 2001 और 2006 में अलाप्पुझा सीट से केरल विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने 2004-06 के दौरान ओमन चांडी की सरकार में देवास्वम और पर्यटन मंत्री के तौर पर काम किया।
केसी वेणुगोपाल का राजनीतिक सफर
- वेणुगोपाल ने 2009 में अलाप्पुझा सीट से लोकसभा के चुनाव लड़े और जीत हासिल की।
- 29 अप्रैल 2017 को, उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव चुना गया।
- उन्हें कई चुनावों में कांग्रेस के ‘वॉर रूम’ का प्रभारी भी बनाया गया।
- 19 जून 2020 को उन्हें राजस्थान से राज्यसभा सांसद के तौर पर नामित किया गया।
- उन्होंने 2024 तक इस पद पर काम किया, जिसके बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया।
- उन्होंने अलप्पुझा सीट से लोकसभा चुनाव जीता था। वो AICC महासचिव भी हैं।
कैसे बने राहुल गांधी के भरोसेमंद
के सी वेणुगोपाल लंबे समय से गांधी परिवार के विश्वस्त रहे हैं। अहमद पटेल के निधन के बाद वह कांग्रेस में मजबूत स्थिति में आए और गांधी परिवार के मुख्य सलाहकार बन गए। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था लेकिन केसी वेणुगोपाल के गृह राज्य में पार्टी का कद बढ़ा था और तो और राहुल गांधी की केरल की वायनाड सीट से ही लोकसभा पहुंचे हैं। जबकि उन्हें गांधी परिवार की परंपरागत सीट अमेठी से हार का सामना करना पड़ा। खैर लोकसभा चुनाव को लेकर केसी वेणुगोपाल का कद भी बढ़ा और वो पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी लोगों में भी शामिल हो गए।
63 में से 47 विधायक केसी वेणुगोपाल के साथ
पार्टी सूत्रों के अनुसार, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे निकलते दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार को AICC के केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ हुई बैठकों में कांग्रेस के 63 निर्वाचित विधायकों में से 47 ने वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया। इनमें केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष सन्नी जोसेफ भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान इस सप्ताह के अंत तक मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर सकता है। सन्नी जोसेफ के अलावा संदीप जी. वारियर, सजीव जोसेफ, टी.ओ. मोहन और उषा विजयन जैसे विधायकों ने भी वेणुगोपाल के नाम का प्रस्ताव रखा।

