मुंबई: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी के नेताओं की बयानबाजी पर नाराजगी व्यक्त की है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के चुनाव चिन्ह ‘धनुष-वाण’ को लेकर दाखिल विवाद पर सुनवाई करते हुए सीजेआई ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक तरफ वकील तारीख मांगते हैं और दूसरी तरफ उनके नेता बाहर जाकर अदालत की छवि खराब करते हैं। गौरतलब हो कि जून, 2022 में शिवसेना के दो फाड़ होने के बाद से एकनाथ शिंदे ही धनुष-वाण सिंबल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पर उद्धव ठाकरे ने आपत्ति जताई हुई है। इसको लेकर पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।
जल्दी सुनवाई की अपील पर बोले सीजेआई
शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह ‘धनुष-बाण’ को लेकर जारी विवाद में शुक्रवार को सुप्रीम में तीखी बहस हुई। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेताओं द्वारा न्यायपालिका के विरुद्ध की जा रही बयानबाजी पर नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुनवाई के दौरान जब ठाकरे गुट के वकील देवदत कामत ने मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया, तो सीजेआई सूर्यकांत ने उन्हें बीच में ही टोकते हुए मीडिया में दिए जा रहे बयानों पर फटकार लगाई।
30 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को तय की गई है। दरअसल शिवसेना में विभाजन के बाद उद्धव ठाकरे सुप्रीम कोर्ट गए थे। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा शिंदे गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह देने को गलत बताया है। आयोग ने पाया कि मूल शिवसेना के 55 विधायकों में से 40 और 18 लोकसभा सांसदों में से 13 शिंदे गुट के साथ थे। इस भारी बहुमत (करीब 76% विधायी वोट) के आधार पर शिंदे गुट को ‘असली शिवसेना’ माना गया और ‘धनुष-बाण’ उन्हें सौंप दिया गया। उद्धव गुट का कहना है कि शिवसेना बालासाहेब ठाकरे की विरासत है। उन्होंने दलील दी कि चुनाव आयोग ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे (प्रतिनिधि सभा जहां उद्धव को बहुमत था) को नजरअंदाज कर केवल विधायी बहुमत को आधार बनाया जो कि गलत है।

