असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा से जुडे कथित पासपोर्ट विवाद ने अब राजनीतिक और कानूनी रूप से नया मोड ले लिया है। इस मामले में पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से पूछताछ की जा चुकी है और अब पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला को भी समन जारी किया गया है। असम क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को सुरजेवाला को 23 मई को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया, जिससे यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा से भी हो चुकी है पूछताछ
असम क्राइम ब्रांच की ओर से जारी समन के अनुसार कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला को गुवाहाटी में जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा। इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को भी इसी मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। खेड़ा ने पूछताछ के बाद मीडिया से कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया और उन्हें 25 मई को दोबारा बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है कि वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करे। हालांकि जब उनसे रिनिकी भुइयां सरमा पर लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई अतिरिक्त टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
सीएम सरमा की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट होने का लगाया था आरोप
यह विवाद अप्रैल में उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास भारत, यूएई और मिस्र के तीन पासपोर्ट हैं। साथ ही उन्होंने दुबई में लग्जरी संपत्तियां और अमेरिका के व्योमिंग में एक कंपनी होने का भी दावा किया था। सरमा परिवार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें एआई जनरेटेड फर्जी दस्तावेज बताया। परिवार का कहना है कि यह सामग्री पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूहों के जरिए फैलायी गई थी ताकि राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया जा सके।
सीएम सरमा ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि आरोप लगाने से पहले विदेश मंत्री से जानकारी लेनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि असम पुलिस किसी को भी खोजकर ला सकती है और इस मामले की जांच आगे तक जाएगी। सरमा ने दावा किया कि पवन खेड़ा जांच से बचने के लिए हैदराबाद चले गए थे, हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी। इस पूरे घटनाक्रम ने असम की राजनीति में तनाव बढा दिया है और आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी रहेगी।

