भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब सेकेंड पोस्टमार्टम को लेकर परिवार की याचिका पर भोपाल कोर्ट में सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान जज के सामने ट्विशा के वकील ने पुलिस और एम्स की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए
ट्विशा शर्मा के परिवार के वकील ने कोर्ट में कहा कि एम्स ने सुसाइड की बेल्ट क्यों नहीं मांगा. पोस्टमार्टम में लापरवाही बरती गई. उन्होंने कहा कि गिरि बाला सिंह की बहन बंसल अस्पताल में काम करती हैं, वो एम्स में क्यों मौजूद थीं. वकील ने सवाल किया कि आखिर थाने को सूचना क्यों नहीं दी गई, आपने एम्स जाना ठीक समझा लेकिन पुलिस को सूचना नहीं की.
दरअसल, अपनी याचिका में परिवार ने 40 से अधिक मोबाइल नंबरों से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन डेटा, इलेक्ट्रॉनिक संचार रिकॉर्ड, इंटरनेट उपयोग लॉग, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल मेटाडेटा, तथा संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के तत्काल संरक्षण और फोरेंसिक रूप से सुरक्षित किए जाने की भी मांग की है.
‘फॉरेंसिक प्रक्रिया के बाद होगा अंतिम संस्कार’
परिवार ने कहा कि अगर गिरिबाला सिंह को लगता है कि वह बेकसूर हैं, तो उन्हें दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम करवाने की मांग का समर्थन करना चाहिए. ट्विशा के पिता ने कहा कि सभी फॉरेंसिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद, ट्विशा के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शांतिपूर्वक और पूरे सम्मान के साथ किया जा सकता है.
‘शव के सड़ने से खराब हो सकते हैं सबूत’
परिवार ने इस बात की भी आशंका जताई कि प्रभावशाली लोगों द्वारा रुकावट डालने या देरी करने से शव के सड़ने के कारण सबूत खराब हो सकते हैं. शर्मा ने कहा कि हमें डर है कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से महत्वपूर्ण फोरेंसिक निष्कर्षों पर ऐसा असर पड़ सकता है जिसे ठीक नहीं किया जा सकता, और इससे न्याय मिलने में बाधा आ सकती है.
इस बयान में उन खबरों पर आपत्ति जताई गई है कि एक व्यक्ति, जो अभी जमानत पर बाहर है, ने कथित तौर पर न्यायिक कार्यालय परिसर का इस्तेमाल मीडिया से बात करने और मृतक के खिलाफ बयान देने के लिए किया. परिवार ने कहा कि ट्विशा अब जीवित नहीं है, इसलिए वह अपने खिलाफ लगाए जा रहे सार्वजनिक आरोपों का बचाव खुद नहीं कर सकती.

