नई दिल्ली। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में शुक्रवार की सुबह बाघ के हमले में तेंदू पत्ता इकट्ठा कर रही चार महिलाओं की मौत हो गई। वन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर सिंदेवाही तहसील के गुंजेवाही गांव के पास हुई है।
अधिकारियों के मुताबिक, महिलाओं का समूह जंगल के इलाके में तेंदू पत्ते इकट्ठा करने गया था, जिनका उपयोग मुख्य रूप से बीड़ी बनाने के लिए किया जाता है। जब महिलाएं पत्ते इकट्ठा करने में व्यस्त थीं, तभी एक बाघ ने अचानक हमला कर दिया, जिसमें चार महिलाओं की जान चली गई।
जान गंवाने वाली महिलाओं
इस दर्दनाक घटना में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान कावड़ाबाई मोहुर्ले (45), अनिताबाई मोहुर्ले (40), सुनीता मोहुर्ले (38) और संगीता चौधरी (50) के रूप में हुई है। ये सभी महिलाएं गुंजेवाही गांव की ही रहने वाली थीं।
हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बाघ ने सभी महिलाओं को एक ही स्थान और समय पर अपना शिकार बनाया या अलग-अलग जगहों पर उन पर हमला किया।
घटना की सूचना मिलते ही वन अधिकारियों की एक टीम तुरंत इलाके में पहुंच गई। मुख्य वन संरक्षक (चंद्रपुर सर्कल) आर एम रामानुजन ने बताया कि अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं और ‘पंचनामा’ पूरा होने के बाद ही घटना के संबंध में अधिक जानकारी सामने आ पाएगी।

