मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना इलाके में बड़े हादसे की खबर है. अजयगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम बिहारपुरवा में निर्माणाधीन कुआं धंसने से दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है. सभी मजदूर रेत की खदान नुमा कुएं में काम कर रहे थे, जब अचानक वहां की मिट्टी धंस गई और सभी मलबे में जिंदा दब गए. हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई है. सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
पन्ना में कुआं धंसने से मारे गए लोगों के नाम भी सामने आ गए हैं. मृतकों में चुन्नू यादव, रामपाल यादव, राजुमार यादव, आशीष यादव और चुनवाद पाल शामिल हैं. प्रशासन के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने दबे हुए लोगों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी थी. जेसीबी लगाकर खुदाई की गई और बचाव दल के आने पर उन्हें काम सौंपा गया.
एक ही परिवार के सदस्य थे सभी मजदूर
बताया जा रहा है कि सभी मजदूर एक ही यादव परिवार के सदस्य हैं और लंबे समय से कुआं खोदने का काम कर रहे थे. काम के दौरान अचानक कुएं की मिट्टी भरभराकर गिर गई, जिससे मजदूर बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सके.
रेस्क्यू टीम द्वारा अब तक दो मजदूरों के शव बाहर निकाल लिए गए हैं, जबकि अन्य मजदूरों को निकालने के लिए राहत कार्य लगातार जारी है. मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है और पूरे इलाके में मातम का माहौल है.
मृतकों के परिजन ने प्रधान पर लगाया आरोप
घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि सभी मृतक उसके परिवार के थे. एक दूसरा व्यक्ति था, बाकी उसके पिता जी, भाई, चाचा और चचेरे चाचा की मौत हो गई है. उनका कहना है कि यह कुआं खुदाई के हिसाब से नहीं था. पिछले साल से यहां काम चल रहा था, जो पानी में पहले से ही कट चुका था लेकिन प्रधान ने फिर भी इसपर काम शुरू करवा दिया.
शख्स का दावा है कि यहां पर भ्रष्टाचार मचा हुआ है. पीड़ितों की बात मुख्यमंत्री तक पहुंचनी चाहिए. यहां तीन घंटे तक परिवार के लोग दबे रहे लेकिन कोई मदद नहीं पहुंची. आरोप है कि सरपंच घटनास्थल के हालात देखकर भाग गए.

