बेंगलुरु: पांच राज्यों के चुनावों में केरल में जीत मिलने से कांग्रेस उत्साहित है, लेकिन इस सब के बीच कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। इस संबंध में मंगलवार यानी 26 मई 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की एक बेहद अहम बैठक हो रही है। वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर दिल्ली पहुंच चुके हैं। उधर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बेंगलुरु पहुंचने और पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के साथ राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने के बाद दक्षिण राज्य में राजनीति गरमा गई है। कर्नाटक में कांग्रेस के नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच झगड़ा सुलझाने के लिए काफी वक्त से सक्रिय हैं।
कर्नाटक में सक्रिय हुई बीजेपी
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद यूं तो नितिन नवीन पहले दौरे पर पहुंचे थे लेकिन उनके दौरे पर नजर डालें तो इसे काफी अहम माना जा रहा है। वह पूर्व सीएम और राज्य में बीजेपी के शीर्ष कद्दावर नेता से जिस अंदाज में मिले। उससे बीजेपी के ‘मिशन कर्नाटक’ पर सक्रिय होने की चर्चा तेज हो गई है, दरअसल सीएम सिद्धारमैया आधा कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। उनके पद छोड़ने और डीके शिवकुमार के सीएम बनने की चर्चाएं लंबे वक्त से कांग्रेस नेतृत्व के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। कांग्रेस में सीएम पद को लेकर झगड़े के बाद बीजेपी एकदम से सक्रिय हो गई है। कर्नाटक की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गृह राज्य है। उनके बेटे सरकार में मंत्री हैं।
पीएम मोदी के एजेंडे पर दिखे नवीन
कर्नाटक के पहले दौरे में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कोई बड़ा पब्लिक रिसेप्शन या रोड शो न करने का फैसला किया है। बीजेपी ने राज्य ईकाई को निर्देश दिया है कि वह प्रोग्राम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्यूल बचाने और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के जिम्मेदार इस्तेमाल की बार-बार की अपील के हिसाब से सरल रखे। कर्नाटक में अगले चुनाव 2028 में होने हैं। विधानसभा में कांग्रेस के पास प्रचंड बहुमत है लेकिन अगर कांग्रेस में सीएम पद को लेकर झगड़ा बढ़ता है तो कर्नाटक में कुछ भी उठा-पठक संभव है। पूर्व में कर्नाटक की राजनीति इसका गवाह रही है। कर्नाटक में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स खूब देखी गई है।

