अहमदाबाद के नेहरूनगर स्थित झांसी की रानी बस स्टैंड के पीछे 27 मई को शाम करीब 5 बजे जमीन के दस्तावेज और किराए की रकम वापस मांगने के विवाद में सेवानिवृत्त DYSP अशोक सिंह चौहान ने अपने लाइसेंसी हथियार से पांच राउंड फायरिंग कर दी. इस घटना में जान से मारने की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अशोक सिंह चौहान ने अमित पटेल पर फायरिंग की. घटना की सूचना मिलते ही सैटेलाइट पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने आरोपी का हथियार जब्त कर लिया और पूछताछ शुरू की. फायरिंग के समय अशोकसिंह के बेटे सिद्धराज सिंह चौहान और बेटी ख्याति चौहान मौके पर मौजूद थे.
सैटेलाइट पुलिस स्टेशन में आरोपी का रौबदार बर्ताव देखने को मिला. उन्होंने स्टेशन में हंगामा किया, जिसके बाद दो कांस्टेबलों ने उन्हें धक्का देकर लॉकअप में बंद कर दिया. हाईवोल्टेज ड्रामा के बाद अशोक सिंह चौहान, उनके बेटे सिद्धराज और बेटी ख्याति को अहमदाबाद मेट्रो कोर्ट में पेश किया गया. पुलिस ने 7 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.
अशोक के पास नहीं थे जमीन के पेपर
विवाद की जड़ करीब 5 बीघा जमीन है, जिसकी अनुमानित कीमत 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह जमीन अशोक चौहान के कब्जे में थी, जिसे उन्होंने अमित पटेल को किराए पर दी थी. अमित पटेल ने नेहरूनगर पाथरणा बाजार में स्टॉल बनाए थे. बाद में एएमसी के नोटिस के बाद अमित पटेल ने जमीन के दस्तावेज मांगे, लेकिन अशोकसिंह के पास कोई कागजात नहीं थे. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और अमित पटेल ने डिपॉजिट व खर्च वापस मांगा, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया.
नाबालिग बेटे के खिलाफ भी मामला दर्ज
अशोक सिंह चौहान वर्तमान में एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी ऑफिसर हैं. अमित पटेल ने अशोकसिंह, उनकी बेटी ख्याति, बेटे सिद्धराज और 14 वर्षीय नाबालिग बेटे के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.

