चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय अपने पहले दिल्ली दौरे में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी से बिना मिले ही लौट आए। इसके बाद राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी ने विजय के लिए एक ब्रेकफास्ट प्लान किया था लेकिन अंतिम वक्त पर रद्द हो गया। विजय के कांग्रेस नेताओं के नहीं मिलने के बाद राजनीति गर्म है कि आखिर विजय ने क्यों कांग्रेस नेताओं से दूरी बनाई।
क्या मेकेदातु प्रोजेक्ट बना कारण?
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि एआईडीएमके विधायकों के टीवीके में आने से कांग्रेस खुश नहीं है। इतना ही नहीं विजय की मीटिंग रद्द करने के कारणों में कावेरी नदी पर कर्नाटक सरकार द्वारा मेकेदातु बांध का ऐलान किए जाने को गिनाया जा रहा है। सीएम थलपति विजय ने पीएम मोदी से कहा है कि वे मेकेदातु बांध प्रोजेक्ट को रिजेक्ट कर दें। मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु में तनाव बढ़ सकता है। विजय ने पीएम मोदी से इसकी डीपीआर रद्द करने की मांग की है। मेकेदातु परियोजना कर्नाटक के रामनगर जिले के कनकपुरा के पास प्रस्तावित है। तमिलनाडु की दलील है कि अगर कर्नाटक अर्कवती नदी पर बांध बनाएगा तो कावेरी डेल्टा में पानी प्रवाह घटेगा। दावा किया जा रहा है कि सीएम विजय ने इसीलिए कांग्रेस नेताओं से मुलाकात नहीं की।
अब कब दिल्ली पहुंचेंगे विजय?
कांग्रेस और टीवीके के समर्थकों को उम्मीद थी कि विजय और राहुल गांधी की दिल्ली में मुलाकात होगी। यह भी दावा किया जा रहा है कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के चलते बढ़ी गहमागहमी के बीच दोनों नेताओं की मीटिंग नहीं हो पाई। तमिलनाडु सीएम विजय का पहला दौरा खत्म होने के बाद अब नजरें उनके दूसरे दौरे पर टिकी हैं। वे 11 जून को फिर दिल्ली पहुंचेंगे। वह नीति आयोग की मीटिंग में शिरकत करेंगे। दावा किया जा रहा है इस दौरे में वह सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने के साथ जेएनयू जा सकते हैं।

