हैदराबाद : आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जन सेना नेता पवन कल्याण को तेलंगाना में सभा करनी थी। तेलंगाना पुलिस ने उन्हें ‘तेलंगाना नव निर्माण संकल्प सभा’ की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह संकल्प सभा तेलंगाना स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को हैदराबाद में आयोजित होने वाली थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए ‘गंभीर खतरे’ का हवाला दिया है। साइबराबाद कमिश्नरेट के सेरिलिंगमपल्ली जोन के पुलिस उपायुक्त सीएच श्रीनिवास ने जन सेना पार्टी के महासचिव तल्लूरी राम को सूचित किया कि प्रस्तावित बैठक आयोजित करने की अनुमति का अनुरोध कानून-व्यवस्था, जन शांति और सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए अस्वीकार कर दिया गया है।
अभिनेता-राजनेता पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जन सेना ने 2 जून को दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक गाचीबोवली स्थित संध्या कन्वेंशन में एक बैठक के लिए अनुमति मांगी थी। इसमें लगभग 2,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी।
प्रो. के नागेश्वर बने विवाद का कारण
डीसीपी ने बताया कि आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री की केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के संबंध में प्रोफेसर के. नागेश्वर द्वारा हाल ही में कथित टिप्पणियां की गईं। इसके बाद आंध्र प्रदेश में प्रोफेसर नागेश्वर के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद, तेलंगाना भर में तनाव और शत्रुता बढ़ गई है।
उन्होंने आगे कहा कि आंध्र प्रदेश के कुछ राजनीतिक नेताओं (जन सेना शामिल) द्वारा प्रो. नागेश्वर से जुड़े मामले पर दिए गए हालिया सार्वजनिक बयानों से तेलंगाना के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, जिसके परिणामस्वरूप विरोध प्रदर्शन, जवाबी प्रदर्शन और छात्र संगठनों तथा कार्यकर्ता समूहों का विरोध देखने को मिल रहा है।
तेलंगाना पुलिस के पवन कल्याण के भेजे पत्र में क्या लिखा
तेलंगाना पुलिस के पत्र में लिखा है, ‘चूंकि प्रस्तावित बैठक तेलंगाना के 12वें स्थापना दिवस के साथ मेल खा रही है, इसलिए विरोध प्रदर्शनों, रैलियों और यातायात में गंभीर व्यवधान की आशंका बनी हुई है। इन परिस्थितियों में, उपर्युक्त बैठक का आयोजन जन शांति बनाए रखने के लिए उपयुक्त नहीं है, क्योंकि इससे साइबराबाद कमिश्नरेट के अधिकार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को गंभीर खतरा है।’ डीसीपी ने यह भी बताया कि प्रस्तावित स्थल के प्रबंधन से सत्यापन करने पर पता चला कि वहां कोई निर्धारित पार्किंग सुविधा उपलब्ध नहीं है।
तेलंगाना के मंत्री बोले- पहले पवन कल्याण मांगे माफी
BC कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि पवन कल्याण को हैदराबाद में कोई भी बैठक करनी है तो उससे पहले तेलंगाना के लोगों से माफी मांगे। पोनम प्रभाकर ने पवन कल्याण की उस कथित टिप्पणी को याद दिलाया कि अगर तेलंगाना के लोग बुरी नज़र डालेंगे, तो कोनासीमा के नारियल के पेड़ सूख जाएंगे। उन्होंने कहा कि पवन कल्याण ने एक बार यह भी कहा था कि अगर तेलंगाना राज्य बनता है, तो वह 11 दिनों तक खाना नहीं खाएंगे।
क्या पवन कल्याण तेलंगाना में BJP का एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं? AP के डिप्टी CM होने के नाते, उन्हें उस राज्य की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। वह गुजरात, उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश जैसे BJP-शासित दूसरे राज्यों में ऐसी सभाएं क्यों नहीं कर रहे हैं? हालांकि तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह में कोई भी शामिल हो सकता है, लेकिन पवन कल्याण को पहले माफी मांगनी चाहिए।
बीसी कल्याण मंरी पोन्नम प्रभाकर
जन सेना ने कहा, कार्यक्रम रोकने का घटिया बहाना
इस बीच, जन सेना ने कहा कि अनुमति अस्वीकार करने के लिए दिए गए कारण स्पष्ट उत्तरों से कहीं अधिक प्रश्न खड़े करते हैं और वास्तविक चिंताओं के बजाय बहाने प्रतीत होते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में पार्टी ने पूछा कि एक विश्लेषक की निराधार टिप्पणियों और उनके विरुद्ध दिए गए प्रतिवाद अचानक तेलंगाना भर में कानून व्यवस्था के लिए खतरा कैसे बन गए? क्या यह कार्यक्रम को रोकने का एक घटिया बहाना नहीं है?
के कविता बोलीं- आंध्र प्रदेश के नेताओं का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं
इधर टीआरएस अध्यक्ष के कविता ने तेलंगाना के मामलों में पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के नेताओं द्वारा हस्तक्षेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह शासन और सांस्कृतिक क्षेत्र में इस तरह के किसी भी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर वह तेलंगाना के लोगों की इच्छा के विरुद्ध हैदराबाद में स्थापित आंध्र प्रदेश की हस्तियों की मूर्तियों को तोड़ने में जरा भी संकोच नहीं करेंगी।

