मुंबई : मुंबईकरों के लिए पेयजल संकट बढ़ने वाला है। मंगलवार को मुंबई की सातों झीलों में पानी का स्टॉक 15 फीसदी यानी 2.21 लाख क्यूसेक ही बचा है। बीएमसी के मुताबिक, इस स्टॉक से सिर्फ 45 दिन वॉटर सप्लाई हो सकती है। अगर आने वाले मॉनसून सीजन में जोरदार बारिश नहीं हुई तो अगले साल भी पानी का संकट बढ़ सकता है। बता दें कि आईएमडी ने इस साल देश में सिर्फ 90 फीसदी औसत बारिश की भविष्यवाणी की है। मुंबई में पहले से ही वॉटर सप्लाई में 10 फीसदी की कटौती कर चुका है। टैंकर भरने वाले पॉइंट्स पर निगरानी सख्त कर दी गई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने लोगों से पानी बर्बाद नहीं करने की अपील की है।
7 झीलों में बचा 2.21 लाख क्यूसेक पानी
मौसम विभाग की भविष्यवाणी ने बीएमसी अधिकारियों की टेंशन बढ़ा दी है। सोमवार को बीएमसी ने 2027 की गर्मियों तक वॉटर सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए लंबी मीटिंग की। मुंबई के 2.20 करोड़ लोगों के लिए बीएमसी सात झीलों अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मिडिल वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी पर निर्भर है। इन झीलों की कुल क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर है, जो बारिश के पानी से ही फुल होती है। फिलहाल इन झीलों में सिर्फ 2.21 लाख क्यूसेक पानी है, जिससे 45 दिन तक मुंबईकरों की प्यास बुझाई जा सकती है।
मॉनसून के शुरुआती दो महीनों की बारिश से ही सात झील भर जाती है। अगर ऐसा होता है तो मुश्किल नहीं होगी, भले ही पूरे सीजन में बारिश कम हो।
बीएमसी
फिलहाल नहीं होगी वॉटर सप्लाई में कटौती
जून से सितंबर तक चलने वाले मॉनसून में अगर बारिश नहीं हुई तो 2027 की गर्मी में पेयजल संकट गहरा सकता है। बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून के शुरुआती दो महीनों की बारिश से ही सात झील भर जाती है। अगर ऐसा होता है तो मुश्किल नहीं होगी, भले ही पूरे सीजन में बारिश कम हो। अगर किसी कारणवश बांध नहीं भरे तो हमें वैकल्पिक तैयारी करनी होगी। बीएमसी अगले दो-तीन महीनों तक स्थिति पर नजर रखेगी। बीएमसी ने साफ किया है कि अभी वॉटर सप्लाई में और कटौती का प्लान नहीं है।

