कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के आने के बाद फिलहाल संक्रमण का खतरा टलता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है. ऐसे में कर्मचारियों को घर से ही काम करने की ही सलाह दी जा रही है. अब सरकार ऐसे नियम लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत कर्मचारियों को घर से काम करने के विकल्प को चुनने का मौका दिया जा सकेगा. श्रम मंत्रालय ने शुक्रवार को नए औद्योगिक संबंध संहिता के तहत माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों के लिए वर्क फ्रॉम होम को लेकर ड्राफ्ट तैयार किया है. मंत्रालय ने कहा है कि यह ड्राफ्ट सेवा क्षेत्रों (सर्विस सेक्टर) से जुड़े नियमों को औपचारिक बनाने के मकसद से जारी किया गया है. बताया जा रहा है कि नए नियम में आई सेक्टर के कर्मचारियों के लिए काम के घंटों का फैसला कर्मचारियों पर ही छोड़ा जा सकता है. मंत्रालय ने आम लोगों से न्यू इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड पर सुझाव मांगे हैं. लोग अपने सुझाव 30 दिनों के अंदर श्रम मंत्रालय के पास भेज सकते हैं. श्रम मंत्रालय द्वारा इस कानून को 1 अप्रैल से लागू किए जाने की उम्मीद है. श्रम मंत्रालय के ‘वर्क फ्रॉम होमÓ ड्राफ्ट में सर्विस सेक्टर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहली बार अलग मॉडल बनाया गया है. इस नए मॉडल में आवश्यकतानुसार संशोधन भी किए जा सकेंगे. इसमें ढ्ढञ्ज सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी प्रावधान किए गए हैं. ड्राफ्ट के मुताबिक, इस नए नियम से आईटी सेक्टर के कर्मचारियों को कई छूट और सुविधाएं दी जा सकती हैं. इस ड्राफ्ट में आईटी सेक्टर के कर्मचारियों को काम के घंटों की भी छूट मिल सकती है. इसी के साथ इस नए ड्राफ्ट में खनन क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए रेल यात्रा की सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है. जबकि इससे पहले यह सुविधा केवल कोयला खनन क्षेत्र के कर्मचारियों को ही दी गई थी. वहीं कदाचार के दोषी या अनुशासन तो?ने वालों के लिए इस ड्राफ्ट में सजा के नियम भी बनाए जा सकते हैं.

