मुंबई- युवा कप्तान ने जैसे ही अपनी प्रियसी को अंगूठी पहनाई, वहां मौजूद परिवारजन, साथी अधिकारी और अतिथि इस पल के साक्षी बन गए। पांच वर्षों के प्रेम को उस विशेष दिन एक नया नाम देने का सपना मानो उसी क्षण पूरा हो गया।
महाराष्ट्र में आयोजित सेना की पासिंग आउट परेड के बाद एक नए सैन्य पायलट का प्रपोजल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में नव-नियुक्त सेना अधिकारी अपनी साथी को घुटनों पर बैठकर प्रपोज करते नजर आ रहे हैं. इस भावुक पल ने जहां लाखों लोगों का दिल जीत लिया, वहीं इसे लेकर सेना के नियमों और प्रोटोकॉल पर भी बहस शुरू हो गई है.
यह सरप्राइज प्रपोजल मंगलवार को महाराष्ट्र के नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद हुआ. वायरल वीडियो में नव-नियुक्त पायलट कैप्टन भारत भारद्वाज अपनी औपचारिक सैन्य वर्दी में नजर आते हैं. वीडियो में वह टारमैक पर चलते हुए अपनी साथी के पास पहुंचते हैं, फिर घुटनों पर बैठकर उन्हें अंगूठी के साथ प्रपोज करते हैं. इस दौरान उनके पीछे सेना का हेलीकॉप्टर भी दिखाई दे रहा था, जिसने इस दृश्य को और खास बना दिया.
वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रपोजल स्वीकार करने के संकेत के रूप में उनकी साथी उन्हें गले लगा लेती हैं. यह भावुक क्षण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इस जोड़े को शुभकामनाएं दीं.
जहां एक ओर लोग इस पल को बेहद खास और प्रेरणादायक बता रहे हैं, वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सेना के नियमों को लेकर सवाल उठाए हैं. एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने वीडियो पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि क्या रक्षा प्रशिक्षण संस्थान में इस तरह का प्रपोजल फिल्माना और उसे सार्वजनिक रूप से साझा करना अनुमति के दायरे में आता है? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इससे सेना की आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है.
HT की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले को भारतीय सेना ने संज्ञान में लिया है. बताया जा रहा है कि सेना नव-नियुक्त पायलट कैप्टन भारत भारद्वाज से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांग सकती है.
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि प्रपोजल की घटना और उससे जुड़े वीडियो तथा तस्वीरों का सोशल मीडिया पर साझा किया जाना सेना के कुछ निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं माना जा रहा है. हालांकि सूत्रों के अनुसार, इस मामले में किसी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना नहीं है. माना जा रहा है कि यह एक व्यक्तिगत भावनात्मक क्षण था, इसलिए कैप्टन को किसी गंभीर परेशानी का सामना नहीं करना पड़ सकता है.
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लगातार बहस जारी है. कुछ लोग इसे प्रेम और समर्पण का खूबसूरत उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि सैन्य प्रतिष्ठानों और कार्यक्रमों से जुड़े नियमों का पालन हर परिस्थिति में होना चाहिए. फिलहाल सेना की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह वीडियो देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है.


