अहमदाबाद: 12 जून को अहमदाबाद प्लेन क्रैश हादसे का एक साल पूरा होगा, लेकिन AI-171 के कैश की पहली बरसी से पहले विमान हादसे में मारे गए गुजरात के दिवंगत पूर्व सीएम विजय रूपाणी की बेटी ने एयर इंडिया पर पीड़ित परिवारों पर दबाव डालने का आरोप लगाया है। एक पत्र में राधिका रूपाणी ने एयर इंडिया पर आरोप लगाया है कि विमान दुर्घटना के पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने के बदले भविष्य में किसी भी कानूनी कार्रवाई या मुकदमे का अधिकार छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। 12 जून 2025 को हुए अहमदाबाद विमान हादसे (AI-171) में विजय रूपाणी सहित 260 लोगों की जान चली गई थी। गौरतलब हो कि दुर्घटना से जुड़े वास्तविक तथ्य और सुरक्षा खामियों की पूरी सच्चाई सामने नहीं आई है। AAIB की जांच रिपोर्ट भी नहीं आई है।
राधिका रूपाणी का दबाव बनाने का आरोप
विजय रूपाणी की बेटी राधिका का आरोप है कि राधिका का आरोप है कि बेहद दुख और मानसिक पीड़ा की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों पर ऐसा दबाव बनाना अनुचित है और उनसे न्याय का कानूनी रास्ता छीनने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों पर द टाइम्स ऑफ इंडिया और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एयर इंडिया ने दबाव बनाने के आरोपों का खंडन किया है। एयरलाइन का कहना है कि वे केवल यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि एक बार अंतिम मुआवजा मिलने के बाद यह समझौता अंतिम हो, ताकि भविष्य में कंपनी को अन्य अप्रत्यक्ष दावों से सुरक्षित रखा जा सके। ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि AAIB 12 जून को अपनी रिपोर्ट प्रकाशित कर सकता है।
एयर इंडिया ने दिया 25 लाख अंतरिम मुआवजा
सूत्रों के मुताबिक एयर इंडिया ने क्रैश में अपने किसी अपने को खोने वाले हर परिवार को उनकी तुरंत पैसे की जरूरतों को पूरा करने में मदद के लिए 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवज़ा दिया है। यह पेमेंट 96% पीड़ितों के परिवारों को किया जा चुका है। बाकी मामले ज़्यादातर वे हैं जहाँ डॉक्यूमेंटेशन अधूरे हैं या परिवार के झगड़े अभी भी चल रहे हैं। एयरलाइन ने कहा कि ज़मीन पर घायल हुए 94% लोगों को या तो एक बार में पूरा और आखिरी मुआवजा मिला है या चोट की तरह और रोजी-रोटी के किसी भी नुकसान के आधार पर अंतरिम मुआवज़ा मिला है। एयरलाइन ने कहा कि बाकी लोगों ने क्रैश के बाद हेल्प डेस्क से एक फॉर्म लिया था, लेकिन तब से जमा नहीं किया है। एयर इंडिया ने फ़ाइनल मुआवज़े की प्रक्रिया शुरू कर दी है और परिवारों के साथ एक्टिव रूप से जुड़ रही है।
139 पीड़ितों के सामान लौटाए
एयरलाइन ने कहा कि 22,000 से ज़्यादा निजी सामानों को बहुत सावधानी से संभालकर रखा गया और उनकी लिस्ट बनाई गई। हादसे में मारे गए 187 लोगों से जुड़े निजी सामानों में से भारत और यूके में 139 लोगों के सामान लौटा दिए गए हैं। बाकी मामलों में मुख्य रूप से वे स्थितियां शामिल हैं जहां कागजी कार्रवाई अधूरी है या परिवारों ने निजी सामान लेने से इनकार कर दिया है। एयरलाइन ने बताया कि क्रैश वाली जगह से मिले पर्सनल डिजिटल डिवाइस, जिनमें स्मार्टफ़ोन और लैपटॉप शामिल हैं, उन्हें भी जांचकर्ताओं द्वारा जांचने के बाद परिवारों को लौटा दिया गया है।
152 परिवारों से की है मुलाकात
मलबे से पच्चीस डिजिटल डिवाइस मिले थे। इनमें से 16 डिवाइस संबंधित परिवारों को लौटा दिए गए हैं। बाकी मामलों में मुख्य रूप से वे स्थितियां हैं जहां कागज़ी कार्रवाई अधूरी है या परिवारों ने निजी सामान लेने से इनकार कर दिया है। हादसे के बाद टाटा कंपनियों के सीईओ ने भारत और यूके में प्रभावित 165 परिवारों में से 152 परिवारों से मुलाकात की ताकि वे अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर सकें और मदद का भरोसा दिला सकें। एयर इंडिया अब टाटा समूह के पास है। इसके कर्ताधर्ता टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन हैं। गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी लंदन अपनी बेटी राधिका के पास ही जा रहे थे तब वे हादसे का शिकार हुए थे। हादसे के वक्त उनकी पत्नी अंजलि रूपाणी लंदन में ही थीं।

