अंबिकापुर। अंबिकापुर शहर के मनेंद्रगढ़ मार्ग स्थित राइस मिल रोड निवासी लालविजय श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ के ऐसे पहले व्यक्ति हैं, जो खुली आंखों से सूर्य को चुनौती देते हैं। पिछले माह ही उन्होंने 40 डिग्री तापमान के बीच बिना पलक झपकाए 12 मिनट 54 सेकेंड तक सूर्य को देखकर अमेरिका बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। उन्होंने पिछले 7-8 महीने के दौरान 3 रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किए हैं। सूर्य को देखने की अद्भुत कला की वजह से अमेरिकी संगठन अमेरिका बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड ने उन्हें दुनिया भर से आने वाले नए रिकॉड्र्स के दावों का मूल्यांकन और सत्यापन करने के लिए आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय जज और विटनेस बनाया है।

लाल विजय श्रीवास्तव ने इसके पूर्व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (आईबीआर) और वल्र्ड रिकॉर्ड्स इंडिया में भी अपना नाम दर्ज कराया था। इसमें उनके नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है, उनका नाम अमेरिका बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। संस्था की ओर से इसी माह उन्हें सर्टिफिकेट, मेडल प्राप्त हुए हैं।
बता दें कि सूर्य को खुली आखों से देखने की कला से चिकित्सा विज्ञान भी हैरान है। पत्रिका से बातचीत के दौरान लालविजय श्रीवास्तव ने बताया कि वे मेडिटेशन व त्राटक विद्या से अपने मस्तिष्क की तरंगों को ब्रह्मांडक की कॉस्मिक ऊर्जा से ट्यून कर लेते हैं।
इस अवस्था में उनका दिमाग पूरी तरह से सुरक्षित हो जाता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बहने लगती है। लालविजय श्रीवास्तव का कहना है कि अब वे ‘अमेरिकाज़ गॉट टैलेंट’ के मंच पर भारतीय तिरंगा लहराने की तैयारी कर रहे हैं।
मिला जीनियस इंडियन अचीवर्स अवार्ड
अमेरिका बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में नाम आने से पूर्व लिालविजय श्रीवास्तव ने 12 मिनट 53 सेकेंड तक सूर्य को खुली आंखों से देखकर वल्र्ड रिकॉड्र्स इंडिया में अपना नाम दर्ज कराया था। उनकी इस उपलब्धि पर वल्र्ड रिकॉड्र्स इंडिया द्वारा 10वें जीनियस इंडियन अचीवर्स अवार्ड 2026 के लिए उनका चयन किया था।
6 जून को गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक निजी होटल में उन्हें मुख्य अतिथि डॉ. पीके राजपूत, डॉ. पंडित आरबी नायर और वल्र्ड रिकॉड्र्स इंडिया के सीईओ पवन सोलंकी द्वारा सम्मानित किया गया।