चेन्नेई: तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से गठित ‘सिंगप्पन स्पेशल फोर्स’ ने अपना काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री विजय द्वारा इस विशेष बल के औपचारिक उद्घाटन के एक दिन बाद ही इसकी टीमें मैदान में उतर गईं और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस कर्मियों को उन स्थानों पर तैनात किया गया है जहां आमतौर पर लोगों की अधिक आवाजाही रहती है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थल और अन्य सार्वजनिक स्थान पर इनकी तैनाती की गई है। वहीं भीड़ भाड़ वाली जगहों पर ड्रोन की तैनाती की गई। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के. भुवनेश्वरी ने यह जानकारी दी।
140 उप निरीक्षक और 420 कॉन्स्टेबल
उन्होंने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों वाली इस विशेष इकाई का मकसद महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों से निपटना है। एग्मोर के राजारथिनम स्टेडियम में इस पहल की शुरुआत किये जाने के बाद, संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भुवनेश्वरी ने इस विशेष इकाई के राज्यव्यापी विस्तार, संरचना और कामकाज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिंगप्पन को महिलाओं की सुरक्षा और बचाव के लिए एक समर्पित प्रणाली के तौर पर बनाया गया है। इसके शुरुआती चरण में, राज्यभर में 70 फील्ड यूनिट काम करना शुरू करेंगी, जिनमें 140 उप निरीक्षक और 420 कॉन्स्टेबल होंगे।
सिंगप्पन को महिलाओं की सुरक्षा और बचाव के लिए एक समर्पित प्रणाली के तौर पर बनाया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक के भुवनेश्वरी
2,545 नए पद मंजूर किए
इस इकाई के विस्तार पर जोर देते हुए भुवनेश्वरी ने कहा कि राज्य भर में इस यूनिट के लिए कुल 2,545 नए पद मंजूर किए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि पीछा करने, यौन उत्पीड़न और सार्वजनिक रूप से अश्लीलता फैलाने के दोषियों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहले चरण में राज्यभर में 70 विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इनमें से 12 टीमें चेन्नई शहर में कार्यरत रहेंगी, जबकि अवादी और ताम्बरम पुलिस कमिश्नरेट में दो-दो टीमें नियुक्त की गई हैं। सभी टीमें स्थानीय पुलिस अधिकारियों की निगरानी में काम करेंगी और कंट्रोल रूम से मिलने वाली आपातकालीन सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।

