कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित नेता रिजू दत्ता ने बागी सांसदों की प्लानिंग बताते हुए दावा किया है कि सोमवार को 20 सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगे और सदन में अपने लिए अलग सीटिंग अरेंजमेंट की व्यवस्था देने की मांग करेंगे। इससे पहले रविवार को दिल्ली में टीएमसी से अलग होने वाले सांसदों की मीटिंग होगी। इसमें पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी शामिल होंगे। रिजू दत्ता ने बताया कि बागी सांसदों की संख्या बढ़ सकती है।
काकोली घोष दस्तीदार को कितना समय दिया?
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी नेतृत्व ने बागी लोकसभा सांसद का नेतृत्व कर रही काकोली घोष दस्तीदार को दो तिहाई सांसद पूरा करने के लिए 36 घंटे यानी रविवार का समय दिया था। दो तिहाई सांसद का आंकड़ा पूरा करने के लिए सायोनी घोष को कोलकाता भेजा गया है। टीएमसी की लिस्ट में शामिल दो लोकसभा सांसदों ने बागी गुट में शामिल नहीं होने का दावा किया था।
टीएमसी सांसद एनडीए को राष्ट्रहित में देंगे समर्थन
रिजू दत्ता ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष से अलग गुट की मान्यता मिलने के बाद टीएमसी सांसद एनडीए को राष्ट्रहित में समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी के लिए Win-Win सिचुएशन है। बागियों को बीजेपी में शामिल करने की नौबत भी नहीं आई है और लोकसभा में पार्टी की ताकत भी बढ़ गई है।
तृणमूल का बागी गुट लोकसभा अध्यक्ष से कब मिलेगा?
उधर, तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी के बागी सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सोमवार को मुलाकात कर खुद को असली तृणमूल कांग्रेस के तौर पर मान्यता दिए जाने की मांग करेंगे। बसुनिया ने दावा किया कि अभी 19 लोकसभा सदस्य इस गुट का समर्थन कर रहे हैं। कूचबिहार से सांसद और लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन करने के इच्छुक सांसदों में शामिल बसुनिया ने बताया कि हम लोकसभा अध्यक्ष से हमारे दावे को मान्यता देने का आग्रह करेंगे। सूत्रों का कहना है कि बैठक का समय अभी तय नहीं हुआ है।
संसद तक पहुंची टीएमसी की उथल-पुथल
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी की अभिषेक बनर्जी पर की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर बसुनिया ने कहा कि वह सही बात कह रहे हैं। हम कल्याण बनर्जी के बयान का समर्थन करते हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार और पार्टी के कई विधायकों के बागी होने के बाद तृणमूल कांग्रेस संकट में घिर गई है। यह उथल-पुथल बाद में संसद तक भी पहुंच गई।

