Jharkhand Four Lane Project, लोहरदगा : लोहरदगा जिले के कुड़ू थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 39 (NH-39) भारत माला परियोजना के तहत निर्माणाधीन फोरलेन सड़क का काम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा शुरू हो गया है. कुड़ू के ढुलुवांखुंटा से लातेहार के उदयपुरा तक बनने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क का काम पिछले 36 घंटों से पूरी तरह ठप था. बुधवार को जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी एक्शन मोड में नजर आए. कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने खुद कार्यस्थल का दौरा किया और वहां काम कर रहे मजदूरों, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के कर्मियों और सड़क निर्माण करा रही निजी कंपनी के अधिकारियों से मिलकर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली. इस दौरान काम रोकने की चेतावनी देने वाले एक युवक को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया है, जिससे क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती का साफ संदेश गया है.
मुआवजे व मजदूरी की मांग पर कार्यकर्ताओं ने किया बवाल
इस पूरे विवाद की शुरुआत सोमवार को हुई थी. बताया जाता है कि एक स्थानीय जनप्रतिनिधि के करीब 40 से 50 कार्यकर्ता अचानक भारत माला परियोजना के कार्यस्थल पर धमक पड़े. कार्यकर्ताओं ने अधिग्रहित जमीन के रैयतों (जमीन मालिकों) को उचित मुआवजा देने, काम को तय मानकों के अनुरूप करने और स्थानीय मजदूरों को सरकारी दर पर मजदूरी भुगतान करने की मांग को लेकर जमकर बवाल काटा. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एनएचएआई के कर्मियों और निर्माण कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की और उनके साथ हाथापाई भी की गई. इस हिंसक व्यवहार और बदसलूकी से आहत व डरे हुए मजदूरों ने सोमवार शाम से ही काम पूरी तरह बंद कर दिया था. इसके चलते मंगलवार को दिनभर निर्माण स्थल पर सन्नाटा पसरा रहा और करोड़ों की यह विकास परियोजना अधर में लटकी रही.
काम शुरू होते ही फिर मिली धमकी
बुधवार सुबह जब प्रशासनिक स्तर पर कंपनी और मजदूरों को मुकम्मल सुरक्षा व्यवस्था देने का ठोस आश्वासन मिला, तब जाकर दोबारा काम शुरू कराया गया. लेकिन काम शुरू होने के कुछ ही देर बाद एक जनप्रतिनिधि का कथित प्रतिनिधि फिर से कार्यस्थल पर पहुंच गया और वहां मौजूद कर्मियों को काम बंद करने की खुली चेतावनी दे डाली. इसकी गुप्त सूचना तुरंत कुड़ू के अंचल अधिकारी (CO) संतोष उरांव और थाना प्रभारी अजीत कुमार को दी गई. सूचना मिलते ही दोनों अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और धमकी देने वाले युवक को रंगे हाथों हिरासत में ले लिया. कार्यस्थल पर मौजूद मजदूरों ने अधिकारियों को बताया कि उक्त युवक ने आकर उन्हें डराते हुए कहा कि ‘हमें परेशान मत करो, नहीं तो सभी को परेशान कर देंगे.’
दहशत के साये में काम कर रहे कर्मी
सोमवार को हुई हाथापाई और बुधवार को दोबारा मिली धमकी के बाद एनएचएआई के अधिकारियों, निर्माण कंपनी और मजदूरों में दहशत का माहौल साफ देखा जा सकता है. हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी का असर यह हुआ कि अब 36 घंटे बाद निर्माण कार्य सुचारू रूप से चल रहा है. सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस इंस्पेक्टर चंद्रशेखर आजाद, सीओ संतोष उरांव और थाना प्रभारी अजीत कुमार सहित कई अधिकारी लगातार कैंप कर रहे हैं. वर्तमान में निर्माण स्थल पर पुलिस की एक विशेष बाइक दस्ता टीम और भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और कड़ा पहरा बिठाया गया है ताकि विकास कार्य में कोई दोबारा बाधा न डाल सके.

