गुवाहाटी: असम के कछार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे गांव में बड़ा मामला सामने आया है। यहां मंगलवार को बांग्लादेशी नागरिकों का एक गुट भारतीय व्यक्ति को अगवा करके ले गया। इसके बाद इलाके में तनाव पैदा हो गया। हालांकि उस व्यक्ति को मंगलवार रात बांग्लादेश के अधिकारियों ने भारत को सौंप दिया। आरोप है कि दिन में उसे बांग्लादेशी नागरिकों के एक गुट ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से अगवा कर लिया था।
इलाके में तनाव
जानकारी के मुताबिक, इस व्यक्ति की पहचान कछार के कटीगोराह गांव के रहने वाले रंजीत दास के तौर पर हुई है। वह मंगलवार सुबह बॉर्डर इलाके में अपनी जमीन से घास लेने गया था और उसके बाद से लापता हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप था कि उन्हें सीमा पार के एक समूह ने अगवा कर लिया है। इससे इलाके में तनाव पैदा हो गया था।
बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड ने सौंपा
मंगलवार रात इस बात की पुष्टि करते हुए कछार के एसएसपी संजीव कुमार सैकिया ने बताया कि दास को मंगलवार रात करीब 10 बजे बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड ने भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया। उन्होंने कहा कि वह शख्स जिस इलाके में गया था, वह बॉर्डर फेंसिंग के पार भारतीय इलाका था, जिसे ‘जीरो पॉइंट’ के नाम से जाना जाता है। यह ऐसा इलाका है जहां स्थानीय लोग आते-जाते हैं। चूंकि उन्हें अगवा करने वाले लोग बांग्लादेशी नागरिक हैं, इसलिए उनके अधिकारियों को ही जरूरी कार्रवाई करनी होगी।
श्रीभूमि में 2.5 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार
उधर, असम के श्रीभूमि जिले से लगभग 2.5 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं और एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार किया गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह जानकारी दी। सरमा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा किअसम पुलिस से कोई भी कोना छिपा नहीं है। एक सफल अभियान में श्रीभूमि पुलिस ने 2.47 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त की और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि मादक पदर्थों के खतरे के खिलाफ राज्य की लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी।

