हैदराबाद : 1993 बैच के IPS अधिकारी महेश दीक्षित को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया। वे तपन डेका की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल जून में खत्म हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने पद संभालने की तारीख से दो साल के कार्यकाल के लिए उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी मामलों को संभालने में बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड रखने वाले अनुभवी अधिकारी दीक्षित एजेंसी में अपने फैसले लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। तेलंगाना कैडर के अधिकारी दीक्षित ने अपने करियर का ज़्यादातर समय IB में बिताया है और वे इसके स्पेशल डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, J&K इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख के तौर पर उन्होंने आर्टिकल 370 हटने के बाद के समय में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें मिली अहम खुफिया जानकारी के आधार पर PoK और पाकिस्तान में आतंकी कैंपों को नष्ट किया गया था।
दो साल तक संभालेंगे पद
कार्मिक मंत्रालय के अनुसार महेश दीक्षित को यह ज़िम्मेदारी संभालने के लिए सेवा विस्तार दिया गया है। वे पद संभालने की तारीख से दो साल के कार्यकाल के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, इस पद पर रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने महेश दीक्षित की नियुक्ति को मंज़ूरी दी है। उनका कार्यकाल पद संभालने की तारीख से दो साल या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) होगा। इसके लिए उन्हें FR 56(d) और ऑल इंडिया सर्विसेज़ (डेथ कम रिटायरमेंट बेनिफिट्स) रूल्स, 1958 के नियम 16 (1A) के प्रावधानों के तहत सेवा विस्तार दिया गया है।
तेलंगाना कैडर के हैं आईपीएस
महेश दीक्षित तेलंगाना कैडर के 1993 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और उन्हें देश के सबसे अनुभवी इंटेलिजेंस अधिकारियों में से एक माना जाता है। पेशे से डॉक्टर रहे दीक्षित ने बाद में कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में अपना करियर बनाया। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने जम्मू-कश्मीर में बदलाव के दौर के दौरान इंटेलिजेंस असेसमेंट और सिक्योरिटी प्लानिंग में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 2023 में श्रीनगर में हुई G20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक के दौरान इंटेलिजेंस से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां भी संभालीं।
पिछले साल दीक्षित को IB का स्पेशल डायरेक्टर बनाया गया था, जिससे वे एजेंसी में दूसरे सबसे बड़े अधिकारी बन गए। अब वे तपन कुमार डेका की जगह लेंगे, जो जुलाई 2022 से इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख हैं। डेका का कार्यकाल 30 जून को खत्म होगा। महेश दीक्षित ने एमबीबीएस के बाद एमडी किया और उसके बाद आईपीएस बने। महेश ने महाराष्ट्र से एमडी किया है।

