Anant Ambani: रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी एक बार फिर अपनी धार्मिक आस्था को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में दर्शन किए और सदियों पुरानी परंपरा का पालन करते हुए अपना मुंडन कराया है. इसकी फोटोज अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. यहां से आप बालाजी मंदिर में केश दान से जुड़ी परंपरा के बारे में विस्तार में जान सकते हैं.

क्या है मुंडन की परंपरा?
तिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दरबार में लाखों श्रद्धालु हर साल अपने बाल दान करते हैं. इसे केश दान भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से इंसान अपने अहंकार का त्याग करता है और भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण को दिखाता है. अनंत अंबानी ने भी इसी परंपरा का पालन किया है और मंदिर परिसर में अपना मुंडन कराया है.

आस्था से जुड़ा अंबानी परिवार
अंबानी परिवार लंबे समय से देशभर के मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए जाता रहा है. मुकेश अंबानी, नीता अंबानी, आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी भी कई मौकों पर अयोध्या राम मंदिर, तिरुपति बालाजी, द्वारकाधीश, बद्रीनाथ, केदारनाथ और कई सारे मंदिरों में पूजा-अर्चना करते नजर आए हैं. 

क्यों खास है तिरुपति बालाजी मंदिर?
आंध्र प्रदेश के तिरुमला पहाड़ियों पर स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध और सबसे अधिक श्रद्धालुओं वाले मंदिरों में गिना जाता है. इसे कलयुग वैकुंठ कहा जाता है और ये भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है. हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर में केश दान की परंपरा भी वर्षों पुरानी है और इसे सबसे बड़े धार्मिक अनुष्ठानों में से एक माना जाता है.

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