पुणे : महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले में मंगेतर सिया गोयल की धोखेबाजी के कारण केतन अग्रवाल की जान चली गई। हत्या के आरोपी चेतन चौधरी और सिया अभी पुलिस की गिरफ्त में हैं। इस घटना के बाद लोहागढ़ किले घूमने वाले उस जगह को देखने के लिए उमड़ रहे हैं, जहां से चेतन और सिया ने केतन को धक्का दिया था। टूरिस्टों ने अनौपचारिक तौर से उस जगह नाम सिया पॉइंट रख दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वारदात के बाद से लोहागढ़ किले में टूरिस्टों की संख्या में 25 फीसदी की बढ़ोतरी भी हुई है।
मंगलवार को बंद कर दिया गया किला
बीते 18 जून को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या हुई थी। आरोप है कि उसकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर लोहागढ़ किले में 400 फुट ऊंची खाई में धक्का दे दिया था। जब यह घटना सुर्खियां बनीं तो अचानक पुणे के इस ऐतिहासिक किले में घूमने वालों की संख्या बढ़ने लगी। टूरिस्टों ने लोकल गाइड और स्थानीय लोगों से सिया पॉइंट के बारे में पूछने लगे। वहां तैनात सुरक्षाकर्मी और ट्रैकर्स भी लोगों के इस सवाल से परेशान हो गए। घटनास्थल पर भीड़ बढ़ने से पुलिस सतर्क हो गई और जांच के लिए मंगलवार को किले को बंद कर दिया। पुलिस ने किले में मौजूद को बाहर निकाल दिया।
वीकेंड जैसी भीड़, किले में उमड़ रहे टूरिस्ट
स्थानीय लोगों का दावा है कि पहले वीकेंड यानी शनिवार-रविवार को किले में चार से पांच हजार पर्यटक घूमने आते थे। केतन की हत्या के बाद से वर्किंग डे भी घूमने वालों की संख्या बढ़ गई है। कई लोग तो सिर्फ सिया पॉइंट देखने आ रहे हैं। लोहागढ़ किले की अचानक लोकप्रियता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोहागढ़ विसापुर विकास मंच के सचिन टेकावाड़े ने कहा कि यह दुखद है कि इतने ऐतिहासिक महत्व वाले स्मारक की पहचान अब एक मर्डर केस हो रही है। उन्होंने कहा कि सिया और केतन को लेकर बन रहे सोशल मीडिया के मीम्स और जोक्स से सदियों पुराने इस किले की छवि की खराब कर रही है।
मर्डर केस से किले की पहचान जुड़ने पर चिंता
सचिन टेकावाड़े ने बताया कि लोनावला के पास सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में स्थित लोहागढ़ किला महाराष्ट्र के सबसे मशहूर ट्रेकिंग और हेरिटेज डेस्टिनेशन में से एक है। लोहागढ़ किले का अर्थ है लोहे का किला। इतिहासकारों का मानना है कि यह किला लगभग 2,000 साल पहले सातवाहन काल में बना था। यह पुणे ही नहीं देश का धरोहर है, मगर इसकी पहचान इतिहास के बजाय हत्याकांड से जोड़ा जा रहा है। इस पर रोक लगाना जरूरी है। बता दें कि लोहागढ़ किला लोनावला से लगभग 11 किलोमीटर और पुणे से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित है। मावली रेलवे स्टेशन से उतरकर आसानी से किले तक पहुंचा जा सकता है।

