यूक्रेन में युद्ध खत्म कराने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर हुई बातचीत के अभी 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा हमला बोल दिया। सोमवार सुबह-सुबह कीव शहर एक के बाद एक 10 से ज्यादा धमाकों की आवाज़ से गूंज उठा। यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब ठीक एक दिन बाद तुर्किये में अहम नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन होने जा रहा है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप खुद शामिल होने वाले हैं।
कीव पर बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला
यूक्रेनी वायु सेना ने बताया कि रूस ने आज राजधानी कीव पर कई बैलेस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यूक्रेनी राजधानी के सैन्य प्रशासन के प्रमुख टिमुर तकाचेंको ने टेलीग्राम पर लिखा कि दुश्मन बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला कर रहा है। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने कहा कि कीव में मौजूद एयर डिफेंस सिस्टम काम कर रहे हैं। हम कीव की ओर आने वाली मिसाइलों को रोकने में जुटे हुए हैं।
हमले में तीन लोग घायल
कीव के मेयर तकाचेंको ने बताया कि रूसी हमले में कीव के पोडिल्स्की जिले में एक रिहायशी अपार्टमेंट ब्लॉक आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। कीव के पास बुचा में कम से कम तीन लोगों को अस्पताल ले जाया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन में आज सुबह कम से कम 10 धमाकों की आवाज सुनी गई।
यूक्रेन ने हाल के दिनों में किया रूस पर जबरदस्त हमला
बता दें कि हाल के दिनों में यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा संरचनाओं व सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हमला किया है। लंबी दूरी के ड्रोन हमलों को भी तेज कर दिया गया है। इसके अलावा, रूस के कब्जे वाले क्रीमिया के गवर्नर मिखाइल रजवोजायेव ने कहा कि शहर के पास ऊर्जा ढांचे पर हुए हमले के बाद बिजली सप्लाई काट दी गई है।
ट्रंप और पुतिन की बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से करीब 90 मिनट तक बातचीत की। यूक्रेन युद्ध के समाधान को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने मदद की पेशकश की। क्रेमलिन के वरिष्ठ सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि यूक्रेन और उसके सहयोगी नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों का सहारा ले रहे हैं।
नाटो की बैठक से पहले 46 लोगों को हिरासत में लिया गया
तुर्की की राजधानी अंकारा में पुलिस ने 46 लोगों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई 7-8 जुलाई को होने वाले नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा व्यवस्था के तहत की गई। यह जानकारी रविवार को तुर्की के मीडिया ने दी।
रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्धों की पहचान तकनीकी निगरानी और फिजिकल सर्विलांस के जरिए की गई। उन पर सोशल मीडिया पर हथियारों वाली तस्वीरें पोस्ट करने, लंबे आपराधिक रिकॉर्ड रखने और हथियारों से जुड़े कई मामलों में शामिल होने के आरोप हैं।
पुलिस ने शहर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की और कथित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े सबूत भी बरामद किए। सभी संदिग्ध फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

