अमरावती : आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम और एक्टर पवन कल्याण अपने फैन निरंजन के निधन से सदमे में हैं। 8 जून को हनुमाकोंडा में छोटा गब्बर के नाम से मशहूर हो चुके निरंजन की आखिरी सांस ली। उसके परिवार के लोगों ने पवन कल्याण के पोस्टर के साथ आखिरी विदाई दी। 17 साल का निरंजन डुचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी ( DMD ) नाम की दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से जूझ रहे थे। मौत से पहले उसे पवन कल्याण से मिलने की आखिरी ख्वाहिश जारी की थी। जब डिप्टी सीएम को निरंजन के बारे में पता चला तो वह उसके घर हनुमाकोंडा पहुंच गए थे। अभिनेता सोनू सूद ने भी उनसे मुलाकात की थी। निधन की खबर पर डिप्टी सीएम पवन कल्याण और सोनू सूद ने श्रद्धांजलि दी है। जनसेना पार्टी की ओर से शोक व्यक्त किया गया है।
जानिए क्या है DMD बीमारी, जिसने निरंजन की जान ली
निरंजन को डुचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (DMD) एक दुर्लभ, गंभीर और समय के साथ बढ़ने वाली जेनेटिक न्यूरो मस्कुलर बीमारी है। यह बीमारी जीन में म्यूटेशन के कारण होती है, जिससे डिस्ट्रोफिन प्रोटीन नहीं बन पाता। यह प्रोटीन मसल फाइबर्स को सही सलामत में रखने के लिए बहुत जरूरी है। इसके बिना समय के साथ मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। यह बीमारी आम तौर पर बड़े होने की उम्र में पकड़ में आती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर लाचार होने लगता है। पीड़ित के खड़े होने की ताकत भी चली जाती है। हल्के चोट से भी मांशपेशियां फैक्चर हो जाती हैं। अधिकतर मामलों में यह बीमारी बच्चों को उनकी मां से अनुवांशिक तौर पर मिलती है। कुछ केस बिना अनुवांशिक जीन में नए म्यूटेशन के कारण होते हैं।
तुम्हारी मुस्कान मेरे दिल में रहेगी, पवन कल्याण का छलका दर्द
डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि निरंजन के अब हमारे बीच न रहने की खबर ने मेरे दिल को गहरा सदमा पहुंचाया है। कुछ दिन पहले हनुमाकोंडा में निरंजन के घर जाकर उससे मिलने के पल अभी भी मेरे जेहन में ताजा हैं। वह नन्हा बच्चा, जो गंभीर बीमारी से जूझते हुए भी मेरा इंतज़ार कर रहा था। मुझे देखते ही उसके चेहरे पर आई वह प्यारी सी मुस्कान। ये सब हमेशा के लिए यादगार पल बनकर रहेंगे। जब उसका शरीर बीमारी से लड़ रहा था, तब उसका मन असीम साहस के साथ मजबूती से डटा हुआ था। इतनी तकलीफ सहते हुए भी जिंदगी के प्रति उसने जो उम्मीद और आत्मविश्वास दिखाया, वह अनमोल है। यह बहुत दुखद है कि इतने साहस वाला बच्चा हमें इतनी जल्दी छोड़कर चला गया। प्यारे निरंजन… तुम्हारी वह मुस्कान, तुम्हारा साहस और तुम्हारा प्यार हमेशा मेरे दिल में रहेगा। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि तुम्हारी आत्मा को शांति मिले।

