टीकमगढ़। जिले में गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। घुना और खराब अनाज मिलने के बाद अब राशन की बोरी में जानवर की हड्डियां मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। नन्ही टेहरी की उचित मूल्य दुकान पर गेहूं की बोरी खोलने के दौरान उसमें जानवर के सिर और पैर की हड्डियां मिलीं। यह देखकर राशन लेने पहुंचे हितग्राही डर गए और उन्होंने गेहूं लेने से साफ इनकार कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही खाद्य विभाग हरकत में आया और दुकान पर रखे पूरे राशन को सील कर दिया गया। विभाग ने खराब गेहूं को वापस भेजकर हितग्राहियों को नया राशन उपलब्ध कराने की बात कही है।
गेहूं की बोरी खोलते ही निकलीं हड्डियां, डर गए हितग्राही
जानकारी के अनुसार सोमवार को ग्राम लक्ष्मणपुरा के ग्रामीण राशन लेने के लिए नन्ही टेहरी की उचित मूल्य दुकान पहुंचे थे। लक्ष्मणपुरा की राशन दुकान बंद होने के कारण वहां के हितग्राहियों को नन्ही टेहरी की दुकान से राशन वितरण की व्यवस्था की गई थी। राशन लेने पहुंचे कोमल लोधी और परम लोधी के सामने जब गेहूं की बोरी खोली गई तो उसमें कुछ संदिग्ध चीज दिखाई दी। बोरी को खोलकर देखने पर उसमें जानवर के सिर और पैर की हड्डियां मिलीं। इसके बाद हितग्राहियों ने पूरी बोरी को जमीन पर खाली किया, लेकिन गेहूं में हड्डियां मिलने की पुष्टि होने के बाद उन्होंने राशन लेने से मना कर दिया।
खाद्य विभाग ने बंद कराया वितरण, पूरा स्टॉक किया सील
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खाद्य विभाग की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने दुकान में रखे गेहूं सहित पूरे राशन स्टॉक को सील कर दिया। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब इस गेहूं की जांच कर पता लगाया जाएगा कि यह किस गोदाम या केंद्र से भेजा गया था। इसके बाद संबंधित स्थान पर शिकायत दर्ज कराकर माल वापस किया जाएगा।
पहले भी सामने आ चुके हैं खराब राशन के मामले
टीकमगढ़ जिले में राशन की गुणवत्ता को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी खराब अनाज मिलने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। करीब दो माह पहले दमोह से खराब गेहूं का निकले का मामला सामने आया था, जिसकी शिकायत मिलने पर प्रशासन ने उसे वापस कर दिया था। इसके अलवा जबलपुर और रीवा से सड़ा चावल देने का मामला भी प्रकाश में आया था। बता दें कि करीब दो साल पहले जिले में 18 हजार क्विंटल सड़ा हुआ चावल पहुंचा था। यह चावल अभी भी जिले के गोदामों में रखा हुआ है। प्रशासन लगातार इसे वापस भेजने के लिए पत्राचार कर रहा है। अब सरकारी राशन में हड्डियां मिलने के मामले ने खाद्य वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कहां से आया गेहूं, इसकी जांच होगी
खाद्य निरीक्षक सार्थक तिवारी ने बताया कि नन्ही टेहरी उचित मूल्य दुकान के पूरे स्टॉक को सील कर दिया गया है। हितग्राहियों को दूसरा राशन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी यह पता लगाया जा रहा है कि यह गेहूं किस स्थान से भेजा गया था। जांच के बाद संबंधित एजेंसी को शिकायत कर माल वापस किया जाएगा। प्रारंभिक रूप से गेहूं में भेड़ के सिर और पैर की हड्डियां होने की बात सामने आई है।
राशन व्यवस्था पर उठे सवाल
गरीब परिवारों के लिए मिलने वाले सरकारी राशन में इस तरह की लापरवाही सामने आने से लोगों में नाराजगी है। हितग्राहियों का कहना है कि यदि समय पर बोरी की जांच नहीं होती तो यह अनाज लोगों के घर तक पहुंच सकता था। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि खराब और संदिग्ध गेहूं सप्लाई करने वाली एजेंसी कौन है और इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।

